हजारीबाग , मार्च 29 -- झारखंड के हजारीबाग जिले में आस्था और उत्साह के बीच मनाए जा रहे रामनवमी पर्व के दौरान हजारीबाग से आई एक दुखद खबर ने पूरे शहर को स्तब्ध कर दिया।

जुलूस में शामिल दो युवकों की असामयिक मौत के बाद जहां एक ओर उत्सव का माहौल फीका पड़ गया, वहीं दूसरी ओर कई परिवारों में गहरा शोक छा गया है।

पहली घटना बड़ा बाजार, ग्वालटोली निवासी अभिषेक कुमार से जुड़ी है। वह अपने परिवार का सहारा थे और मैकेनिक के रूप में काम करते थे। जुलूस के दौरान गंभीर रूप से घायल होने के बाद उन्हें बेहतर इलाज के लिए रांची भेजा गया, लेकिन तमाम प्रयासों के बावजूद उनकी जान नहीं बचाई जा सकी। उनके निधन की खबर मिलते ही परिवार में कोहराम मच गया। सदर अस्पताल में उनके पार्थिव शरीर के पहुंचते ही लोगों की भीड़ उमड़ पड़ी और हर आंख नम दिखी।

वहीं, दूसरी दुखद घटना सिलवार कला निवासी प्रिंस कुमार की है। करीब 22 वर्षीय प्रिंस भी जुलूस में शामिल थे और इसी दौरान घायल हो गए थे। इलाज के दौरान उनकी भी मौत हो गई। पोस्टमार्टम के बाद जब उनका शव गांव पहुंचा तो अंतिम दर्शन के लिए बड़ी संख्या में लोग जुटे और पूरे इलाके में शोक की लहर दौड़ गई।

रामनवमी जैसे पवित्र और उल्लासपूर्ण पर्व के बीच हुई इन दोनों घटनाओं ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं। जहां एक ओर पूरा शहर भक्ति में लीन था, वहीं दो परिवारों के घरों में मातम पसरा हुआ है। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है और स्थानीय लोग भी गहरे सदमे में हैं।

इधर, प्रशासन ने मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच शुरू कर दी है। साथ ही भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए सुरक्षा व्यवस्था को और सुदृढ़ करने की आवश्यकता पर भी जोर दिया जा रहा है।

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