रामनगर , दिसंबर 06 -- उत्तराखंड के रामनगर में बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ अभियान के अंतर्गत किशोरियों के लिए एक दिवसीय संवेदीकरण कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यशाला का उद्देश्य किशोरियों की सुरक्षा, जागरूकता और उनके आसपास के असुरक्षित स्थानों की पहचान करना रहा।
सरस्वती विद्या मंदिर इंटर कॉलेज, छोई रामनगर तथा राजकीय इंटर कॉलेज (जीआईसी) करनपुर रामनगर मेंआयोजित कार्यक्रम का शुभारंभ बाल विकास परियोजना अधिकारी नीता दीक्षित द्वारा किया गया। इस दौरान छात्राओं ने अपने-अपने क्षेत्रों में 14 असुरक्षित स्थानों को चिन्हित किया, ताकि इन स्थलों पर सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत किया जा सके।
कार्यक्रम में बाल विवाह मुक्त भारत की शपथ भी दिलाई गई। साथ ही समान नागरिक संहिता (यूसीसी) के अंतर्गत विवाह पंजीकरण की अनिवार्यता की जानकारी छात्राओं को दी गई।
चाइल्ड हेल्पलाइन से तारा जोशी ने 1098 हेल्पलाइन नंबर के बारे में विस्तार से जानकारी देते हुए आपात स्थिति में सहायता लेने के तरीकों को समझाया। स्वास्थ्य विभाग से सीएचओ सोनाली ने किशोरियों को साफ-सफाई, स्वच्छता, संतुलित आहार तथा किशोरावस्था में होने वाले शारीरिक और मानसिक परिवर्तनों एवं उससे जुड़ी समस्याओं के बारे में महत्वपूर्ण जानकारी दी।
कार्यक्रम का सफल संचालन कविता रिमझियाल, सुपरवाइज़र द्वारा किया गया। उन्होंने विभागीय योजनाओं की जानकारी देते हुए छात्राओं को उनसे जुड़ने के लिए प्रेरित किया। कार्यशाला के माध्यम से किशोरियों में सुरक्षा, आत्मविश्वास और जागरूकता का संदेश दिया गया।
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