रामनगर , जनवरी 04 -- उत्तराखंड के रामनगर में प्रदेश सरकार की ओर से चलाए जा रहे बुलडोजर अभियान के विरोध में रविवार को भवानीगंज स्थित रामलीला ग्राउंड में संयुक्त संघर्ष समिति के तत्वावधान में एक विशाल जन सम्मेलन का आयोजन किया गया।
इस जन सम्मेलन में प्रदेश के विभिन्न हिस्सों से आए सैकड़ों लोगों ने भाग लिया और सरकार की कथित बुलडोजर कार्रवाई के खिलाफ अपना आक्रोश व्यक्त किया। सम्मेलन में वक्ताओं ने आरोप लगाया कि उत्तराखंड सरकार राज्य के अलग-अलग क्षेत्रों ऋषिकेश, बिंदुखत्ता, रामनगर के ग्राम पूछड़ी सहित कई स्थानों पर गरीब और कमजोर वर्ग के लोगों के आशियानों को उजाड़ने का काम कर रही है। वक्ताओं का कहना था कि बुलडोजर की आड़ में गरीबों को बेघर किया जा रहा है, जबकि उनके पुनर्वास की कोई ठोस व्यवस्था नहीं की जा रही।
वक्ताओं ने विशेष रूप से रामनगर के ग्राम पूछड़ी का जिक्र करते हुए कहा कि वन विभाग और प्रशासन ने उच्च न्यायालय से स्थगन आदेश मिलने के बावजूद कार्रवाई जारी रखी। आरोप लगाया गया कि प्रशासन ने अदालत के आदेशों की अवहेलना करते हुए गरीब लोगों की जमीन पर कब्जा किया और कई परिवारों के घर तोड़ दिए। उन्होंने इसे न्याय व्यवस्था और लोकतांत्रिक मूल्यों का खुला उल्लंघन बताया।
जन सम्मेलन में मांग उठी कि किसी भी प्रकार की ध्वस्तीकरण कार्रवाई से पहले सरकार को प्रभावित परिवारों के पुनर्वास की समुचित व्यवस्था करनी चाहिए और लंबे समय से रह रहे लोगों को मालिकाना हक दिया जाना चाहिए। वक्ताओं ने कहा कि सरकार को जनता के हितों को नजरअंदाज कर जनविरोधी फैसले लेने से बचना चाहिए।
वक्ताओं ने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने बुलडोजर कार्रवाई पर तत्काल रोक नहीं लगाई, तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा। उन्होंने कहा कि जिस तरह जनता सरकार को सत्ता में बैठाती है, उसी तरह जनविरोधी नीतियों के चलते सरकार को सत्ता से बाहर करने की ताकत भी जनता के पास है। सम्मेलन में विभिन्न संघर्षशील संगठनों और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने एकजुट होकर सरकार की कार्रवाई का विरोध किया।
हिंदी हिन्दुस्तान की स्वीकृति से एचटीडीएस कॉन्टेंट सर्विसेज़ द्वारा प्रकाशित