रामनगर , जनवरी 03 -- उत्तराखंड के रामनगर में बाघ के हमले में महिला की मौत के बाद कॉर्बेट टाइगर रिजर्व प्रशासन पूरी तरह अलर्ट हो गया है। घटना के बाद मुख्य वन्यजीव वार्डन से अनुमति मिलने पर घटनास्थल के पास बाघ को पकड़ने के लिए पिंजरा लगाया गया है। इसके साथ ही बाघ को ट्रेंकुलाइज कर सुरक्षित रेस्क्यू करने की भी अनुमति मिल चुकी है। पार्क प्रशासन द्वारा हाथियों से गश्त कराई जा रही है जबकि वन विभाग की टीमें लगातार बाघ की गतिविधियों की मॉनिटरिंग में जुटी हुई हैं। क्षेत्र में कैमरा ट्रैप भी लगाए गए हैं ताकि बाघ की मूवमेंट पर कड़ी नजर रखी जा सके।
यह दर्दनाक घटना शुक्रवार दोपहर कॉर्बेट टाइगर रिजर्व की ढेला रेंज के साँवल्दे गांव में हुई जब जंगल में लकड़ी लेने गई 60 वर्षीय सुखिया देवी पत्नी चंदू सिंह पर बाघ ने हमला कर दिया, जिससे मौके पर ही उनकी मौत हो गई। घटना के बाद पूरे इलाके में आक्रोशित ग्रामीणों ने बाघ को गोली मारने की मांग को लेकर सड़क जाम कर वन विभाग के खिलाफ प्रदर्शन भी किया।
शनिवार को कॉर्बेट टाइगर रिजर्व के उपनिदेशक राहुल मिश्रा ने घटना पर गहरा दुख व्यक्त करते हुए कहा कि ग्रामीणों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि मुख्य वन्यजीव वार्डन की अनुमति के बाद घटनास्थल के पास पिंजरा लगाया गया है और बाघ को ट्रेंकुलाइज करने की अनुमति भी मिल चुकी है। क्षेत्र में वन कर्मियों की गश्त बढ़ा दी गई है और ड्रोन की मदद से भी निगरानी की जा रही है।
श्री मिश्रा ने बताया कि हाथियों के माध्यम से भी संवेदनशील इलाकों में गश्त कराई जा रही है। उन्होंने कहा कि सर्दियों के मौसम में वन्यजीव आक्रामक हो जाते हैं और भोजन की तलाश में आबादी की ओर रुख करते हैं। ऐसे में ग्रामीणों को विशेष सावधानी बरतने की जरूरत है।
उन्होंने ग्रामीणों से अपील की कि सर्दियों में जंगल में लकड़ी लेने न जाएं, अपने घरों के आसपास कूड़ा न फैलाएं, रात के समय घर के बाहर लाइट जलाकर रखें और अपने पशुओं को खुला न छोड़ें। उपनिदेशक ने भरोसा दिलाया कि विभाग का पूरा प्रयास है कि बाघ को जल्द से जल्द सुरक्षित तरीके से रेस्क्यू किया जाए।
हिंदी हिन्दुस्तान की स्वीकृति से एचटीडीएस कॉन्टेंट सर्विसेज़ द्वारा प्रकाशित