रामनगर , जनवरी 05 -- उत्तराखंड में सोमवार को पर्वतीय क्षेत्रों से रामनगर आने वाले टैक्सी और निजी वाहन चालकों का आक्रोश उस समय फूट पड़ा, जब कई वाहन स्वामी तहसील परिसर पहुंचे और नगर पालिका द्वारा पार्किंग के नाम पर की जा रही कथित अवैध वसूली और अभद्रता के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन किया। वाहन चालकों ने नगर पालिका प्रशासन और प्रदेश सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी करते हुए नगर पालिका पर खुलेआम लूट का आरोप लगाया।

प्रदर्शनकारियों ने अपने वाहनों की चाबियां आज उपजिलाधिकारी (एसडीएम) प्रमोद कुमार को सौंपते हुए कहा कि यदि अवैध वसूली पर तत्काल रोक नहीं लगी तो वे अपने वाहन चलाना बंद कर देंगे। अल्मोड़ा जिला के सल्ट क्षेत्र से पूर्व जिला पंचायत सदस्य नारायण सिंह रावत के नेतृत्व में वाहन चालकों ने तहसील में मोर्चा खोलते हुए अपनी नाराजगी जाहिर की।

जिला पंचायत सदस्य रावत ने बताया कि करीब दो माह पूर्व भी इस मुद्दे को लेकर वाहन चालकों ने विरोध दर्ज कराया था। उस समय आरोप लगाया गया था कि नगर पालिका के ठेकेदार और उसके कर्मचारी पार्किंग शुल्क न देने पर वाहन चालकों के साथ अभद्रता, गाली-गलौज और मारपीट तक करते हैं। उन्होंने कहा कि नगर पालिका द्वारा शहर में कहीं भी विधिवत पार्किंग स्थल की व्यवस्था नहीं की गई है, इसके बावजूद पार्किंग के नाम पर जबरन शुल्क वसूला जाना पूरी तरह नियम विरुद्ध है।

उन्होंने यह भी बताया कि पूर्व में एसडीएम द्वारा नगर पालिका प्रशासन को पार्किंग शुल्क कम करने और अवैध वसूली पर रोक लगाने के निर्देश दिए गए थे लेकिन आदेशों के बावजूद आज भी वाहन चालकों से जबरन वसूली की जा रही है। इसी के विरोध में वाहन स्वामियों ने अपनी गाड़ियों की चाबियां प्रशासन को सौंप दी हैं और मांगें पूरी न होने पर चक्का जाम की चेतावनी दी है।

मामले में एसडीएम ने कहा कि वाहन स्वामियों द्वारा लगाए गए आरोप गंभीर हैं। नगर पालिका के अधिशासी अधिकारी से वार्ता कर जल्द समाधान निकाला जाएगा। यदि जांच में ठेकेदार या उसके कर्मचारियों द्वारा अवैध वसूली या गुंडागर्दी सामने आती है तो संबंधितों के खिलाफ नियमानुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी।

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