रामनगर , मार्च 26 -- उत्तराखंड में नैनीताल जिले के कोसी नदी में तराई पश्चिम वन विभाग एवं वन विकास निगम रामनगर ने 10 टायरा वाहनों पर रोक लगाने वाहनों स्वामियों ने विभाग के इस आदेश को तुगलकी फरमान करार देते हुए इसका विरोध करना शुरू कर दिया है।

वाहन स्वामियों ने तराई पश्चिमी वन विभाग की अनुविभागीय अधिकारी (एसडीओ) किरण शाह एवं वन विकास निगम के प्रभागीय बिक्री प्रबंधक (डीएलएम) मुदित आर्य का गुरुवार को घेराव करते हुए अपना विरोध दर्ज करने के साथ ही बंद किए गए वाहनों को पुनः शुरू किए जाने की मांग की है। इसके साथ ही उन्होंने कहा कि यदि उनकी मांग पूरी नहीं हुई तो उन्हें मजबूर होकर उच्च न्यायालय की शरण लेनी पड़ेगी।

वाहन स्वामियों का कहना था कि उन्होंने वाहनों को लोन पर लिया है और अचानक इस प्रकार का आदेश जारी कर वाहन स्वामियों का आगे जहां एक ओर रोजी-रोटी का संकट गहराने लगा है तो वहीं दूसरी ओर ऐसी स्थिति में वाहनों की किश्त जमा नहीं कर पायेंगे। उन्होंने कहा कि विभाग के अधिकारी 10 टायरा वाहनों से अवैध खनन एवं वन संपदा को नुकसान होने की बात कह रहे हैं लेकिन उनका कहना था कि 10 टायर वाहन विभाग द्वारा इस सत्र में पंजीकृत किए गए थे इससे पूर्व भी अन्य वाहनों के माध्यम से कोसी नदी में खुलेआम अवैध खनन होता था तो उस समय विभाग के अधिकारी कहां थे।

ट्रांसपोर्ट यूनियन के अध्यक्ष हरदीप सिंह ने कहा कि अधिकारी अवैध खनन का हवाला देकर हमारा उत्पीड़न कर रहे हैं जिसे अब सहन नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि या तो उनके वाहनों को अनुमति दी जाए या फिर कोसी नदी को पूरी तरह बंद कर दिया जाए। वहीं इस मामले मेंवन विकास निगम के डीएलएम आर्य ने साफ तौर पर कहा कि 10 टायर वाहनों से लगातार अवैध खनन की शिकायत में मिल रही थी, जिसको लेकर कुछ समय के लिए इन वाहनों को प्रतिबंधित किया गया है।

इसके अलावा अधिकारियों ने कहा कि आज जो उन्हें ज्ञापन सौपा गया है उसको लेकर वह उच्च अधिकारियों को अवगत कराने के साथ ही इसका समाधान करने का प्रयास करेंगे।

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