रामनगर , जनवरी 04 -- उत्तराखंड में रामनगर के सांवल्दे पश्चिम क्षेत्र में शिक्षक मंडल की पहल पर जोतीबा फुले-सावित्रीबाई फुले सायंकालीन विद्यालय का शिलान्यास हो गया।

उत्तराखंड शिक्षा परिषद के सचिव वी.पी. सिमल्टी ने इसका शिलान्यास किया। इस सायंकालीन विद्यालय के माध्यम से क्षेत्र के 2000 से अधिक बच्चों को निःशुल्क और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराई जाएगी।

इस दौरान श्री सिमल्टी ने शिक्षक मंडल की इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि सरकारी शिक्षकों द्वारा समाज के लिए किया जा रहा यह प्रयास अनुकरणीय है। उन्होंने आशा व्यक्त की कि यह सायंकालीन स्कूल ग्रामीण क्षेत्र के बच्चों के शैक्षिक और सामाजिक विकास में मील का पत्थर साबित होगा।

रचनात्मक शिक्षक मंडल के संयोजक नवेंदु मठपाल ने बताया कि सांवल्दे क्षेत्र के लगभग 10 किलोमीटर के दायरे में रहने वाले दो हजार से अधिक बच्चों को इस शैक्षिक अभियान से जोड़ा जाएगा। उन्होंने कहा कि यह पहल केवल प्रारंभिक शिक्षा तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि माध्यमिक और उच्च शिक्षा में अध्ययनरत छात्रों को भी इससे जोड़ा जाएगा।

सायंकालीन स्कूल में स्कूली पाठ्यक्रम के अनुसार पढ़ाई कराई जाएगी। इसके साथ ही प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी, रोजगारपरक पाठ्यक्रम, कंप्यूटर शिक्षा और बालिका शिक्षा पर विशेष जोर दिया जाएगा। नवेंदु मठपाल ने बताया कि यह पूरा अभियान जनसहयोग से संचालित होगा, जिसमें शिक्षक, अभिभावक और समाज के प्रबुद्ध लोग सक्रिय भूमिका निभाएंगे।

उन्होंने यह भी जानकारी दी कि सांवल्दे में स्थापित होने वाले इस सायंकालीन स्कूल परिसर का नाम प्रमुख स्वतंत्रता सेनानी हरिदत्त मठपाल और अंबादत्त बेलवाल के नाम पर रखा गया है। भविष्य में स्कूल परिसर के भीतर साहित्य अकादमी से सम्मानित वरिष्ठ कुमाउनी साहित्यकार मथुरादत्त मठपाल की स्मृति में उत्तराखंडी साहित्य और संस्कृति का एक विशेष केंद्र भी स्थापित किया जाएगा।

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