रामनगर , अप्रैल 12 -- उत्तराखंड के रामनगर वानप्रभा टी तराई पश्चिमी का सबसे प्रसिद्ध जॉन भाटो पर्यटन जोन में एक हफ्ता पूर्व पर्यटकों को एक घायल बाघिन दिखाई दी थी जिसके गले में और सर में काफी घाव थे, जिसकी सूचना तुरंत ही पर्यटकों ने वन विभाग को दी।
वन विभाग के डीएफओ प्रकाश आर्य के नेतृत्व में कॉर्बेट टाइगर रिजर्व के वरिष्ठ पशु चिकित्साधिकारी डॉक्टर दुष्यंत शर्मा की टीम ने दो दिन पूर्व रात करीब आठ बजे बाघिन को सफलतापूर्वक ट्रैंक्यूलाइज कर रेस्क्यू किया।
डॉक्टर दुष्यंत शर्मा के अनुसार, बाघिन की उम्र लगभग आठ वर्ष है और उसके गले के पास गंभीर चोटें थीं जो दूसरे बाघ से आपसी संघर्ष में प्रतीत हो रहे थे, रेस्क्यू के बाद टीम ने मौके पर ही उसका उपचार शुरू किया और उसे सुरक्षित वातावरण में रखा गया।
वन विभाग की टीम ने बाघिन को ढेला रेस्क्यू सेंटर ले जाने के बजाय जंगल में ही इलाज करना बेहतर समझा। डॉ दुष्यन्त शर्मा के अनुसार, ट्रांसपोर्ट करने से बाघिन को अनावश्यक तनाव हो सकता था, जिससे उसकी हालत और बिगड़ने का खतरा रहता।
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