रामनगर , जनवरी 09 -- उत्तराखंड में रामनगर के पीएनजी राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय में अनुसूचित जाति के विद्यार्थियों के लिए सिविल सर्विसेज की निःशुल्क कोचिंग विधिवत रूप से आरंभ हो गई है। यह कोचिंग इस साल की पहले दिन से निरंतर संचालित की जा रही है, जिसका उद्देश्य सामाजिक रूप से वंचित वर्ग के विद्यार्थियों को प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए बेहतर अवसर प्रदान करना है।

इस क्रम में शुक्रवार को मुख्य वक्ता के रूप में कुमाऊँ विश्वविद्यालय, नैनीताल के डीएसबी परिसर से सेवानिवृत्त प्रोफेसर प्रो. पी.सी. तिवारी ने "मानव भूगोल" विषय पर विस्तृत व्याख्यान दिया। प्रो. तिवारी ने मानव समाज एवं संस्कृतियों के स्थानिक वितरण, उनके उद्भव और विकास की प्रक्रिया को सरल एवं प्रभावी ढंग से समझाया। उन्होंने बताया कि मानव भूगोल में विभिन्न मानव वर्गों तथा उनके पर्यावरण के बीच शक्तियों, प्रभावों और प्रतिक्रियाओं के पारस्परिक कार्यात्मक संबंधों का प्रादेशिक आधार पर अध्ययन किया जाता है, जो सिविल सेवा परीक्षाओं की दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण है।

महाविद्यालय के प्रभारी प्राचार्य प्रो. एस.एस. मौर्य ने इस प्रशिक्षण केंद्र को रामनगर क्षेत्र के लिए एक महत्वपूर्ण उपलब्धि बताया। उन्होंने कहा कि इस केंद्र में विद्यार्थी पूरी तन्मयता और अनुशासन के साथ अध्ययन कर रहे हैं तथा यह पहल उनके उज्ज्वल भविष्य की दिशा में मील का पत्थर साबित होगी।

उल्लेखनीय है कि शासन द्वारा इस महाविद्यालय को अनुसूचित जाति एवं जनजाति के विद्यार्थियों को निःशुल्क सिविल सेवा प्रशिक्षण प्रदान करने हेतु विशेष प्रशिक्षण केंद्र के रूप में चयनित किया गया है। समाज कल्याण विभाग की योजना के अंतर्गत यह उत्तराखंड राज्य का एकमात्र राजकीय महाविद्यालय है, जहाँ यह केंद्र संचालित हो रहा है। यह केंद्र समाज कल्याण विभाग द्वारा वित्त पोषित है।

प्राचार्य प्रो. एम.सी. पाण्डे के संरक्षण में केंद्र समन्वयक डॉ. नरेश कुमार एवं सह-समन्वयक डॉ. अलका द्वारा केंद्र का कुशल संचालन किया जा रहा है। इस अवसर पर सभी प्रशिक्षु छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।

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