नैनीताल , अक्टूबर 29 -- उत्तराखंड उच्च न्यायालय ने रामनगर मांस प्रकरण में चालक की पिटाई किये जाने के मामले में बुधवार को सुनवाई करते हुए पुलिस को बिना राजनीतिक दबाव में आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई करने के निर्देश दिये हैं।
साथ ही पुलिस को गुरुवार तक कार्रवाई रिपोर्ट खंडपीठ के समक्ष पेश करने को कहा है। पीड़ित चालक नासिर की पत्नी नूरजहां की ओर से दायर सुरक्षा याचिका पर मुख्य न्यायाधीश जी नरेंदर और न्यायमूर्ति सुभाष उपाध्याय की खंडपीठ ने सुनवाई की।
याचिकाकर्ता की ओर से सुरक्षा की गुहार लगाते हुए कहा गया कि गत 23 अक्टूबर को उसके पति एक पिकअप वाहन में भैंस का मांस लेकर बरेली से रामनगर आ रहे थे। छोई के पास लगभग डेढ़ दर्जन लोगों ने वाहन को रोक लिया और तोड़ फोड़ करने के साथ ही चालक की पिटाई कर दी।
याचिकाकर्ता की ओर से यह भी कहा गया कि इस मामले में शामिल भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के स्थानीय नेता मदन जोशी के खिलाफ पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की है। आरोपी द्वारा फेसबुक पर लाइव पोस्ट करके इस घटना को सही ठहराया जा रहा है।
पुलिस की ओर से कहा गया कि इस प्रकरण में अभियोग दर्ज कर लिया गया है। दो लोगों को गिरफ्तार किया गया है। यह माब लिंचिंग का मामला है और जांच की जा रही है।
इसके बाद पीठ ने रामनगर पुलिस को आदेश दिया है कि किसी राजनीतिक दबाव में न आकर आरोपी के खिलाफ उचित कार्रवाई करें। जांच अधिकारी को यह भी निर्देश दिये कि वह फेसबुक से भी ऐसी पोस्ट को हटायें।
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