रांची , जनवरी 08 -- झारखंड के रामगढ़ जिले में सीबीआई ने बड़ी कार्रवाई करते हुए डाक विभाग के ओवरसियर प्रभु मुंडा को 15 हजार रुपये रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार किया है।

आरोपी पर एक ग्रामीण डाक सेवक से रामगढ़ मुख्यालय में योगदान (ज्वाइनिंग) कराने के एवज में 30 हजार रुपये घूस मांगने का आरोप है। सीबीआई सूत्रों के अनुसार, इस मामले में एक ग्रामीण डाक सेवक ने एजेंसी से लिखित शिकायत की थी। शिकायत में बताया गया था कि डाक ओवरसियर प्रभु मुंडा उससे रामगढ़ मुख्यालय में योगदान कराने के लिए लगातार 30 हजार रुपये रिश्वत की मांग कर रहा है। शिकायत मिलने के बाद सीबीआई ने प्रारंभिक जांच की, जिसमें आरोप सही पाए गए।

जांच के दौरान बातचीत में यह बात सामने आई कि प्रभु मुंडा ने 30 हजार रुपये में से 15 हजार रुपये पहले और शेष 15 हजार रुपये बाद में लेने पर सहमति जताई थी। इसके बाद सीबीआई ने आरोपी के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत प्राथमिकी दर्ज कर जाल बिछाने की योजना बनाई।

आठ जनवरी को सीबीआई की टीम ने सुनियोजित तरीके से जाल बिछाया। जैसे ही शिकायतकर्ता ने प्रभु मुंडा को तयशुदा स्थान पर 15 हजार रुपये घूस के रूप में दिए, सीबीआई की टीम ने तत्काल कार्रवाई करते हुए उसे रंगे हाथ पकड़ लिया। आरोपी के पास से रिश्वत की रकम भी बरामद कर ली गई।

गिरफ्तारी के बाद सीबीआई अधिकारियों का दल प्रभु मुंडा को रांची ले आया, जहां उससे गहन पूछताछ की जा रही है। सीबीआई यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि इस मामले में कोई और अधिकारी या कर्मचारी भी शामिल था या नहीं, और क्या इससे पहले भी प्रभु मुंडा इस तरह की गतिविधियों में संलिप्त रहा है।

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