रामगढ़ , नवंबर 17 -- झारखंड के रामगढ़ जिले के जगेश्वर ओपी क्षेत्र अंतर्गत खरकंडा गांव में रविवार देर रात हाथियों के एक बड़े झुंड ने भारी उत्पात मचा दिया।

करीब आधी रात को अचानक गांव में घुसे इस झुंड ने न केवल कई घरों को तहस-नहस किया, बल्कि 45 वर्षीय सांझो देवी की कुचलकर हत्या भी कर दी। घटना के बाद पूरे क्षेत्र में दहशत और आक्रोश व्याप्त है।

प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, बोकारो सीमा से लगे इस गांव में देर रात हाथियों के झुंड के प्रवेश की भनक लगते ही ग्रामीणों में अफरा-तफरी मच गई। अपनी सुरक्षा के लिए अधिकांश ग्रामीण घरों की छतों पर चढ़कर छिप गए। लेकिन सांझो देवी समय पर सुरक्षित स्थान पर नहीं पहुंच सकीं और हाथियों के हमले का शिकार हो गईं।

हाथियों ने कई कच्चे और पक्के मकानों को तोड़ दिया तथा घरों में रखे धान सहित अन्य खाद्यान्न भी खा लिए।

ग्रामीणों का कहना है कि झुंड करीब दो घंटे तक गांव में डेरा जमाए रहा, जिसके चलते भारी नुकसान हुआ। सूचना मिलने पर वन विभाग की टीम देर रात गांव पहुंची, लेकिन तब तक हाथी काफी तबाही मचा चुके थे। विभाग के अधिकारियों ने ग्रामीणों की सुरक्षा सुनिश्चित करते हुए सुबह तक झुंड को गांव से बाहर खदेड़ने की कोशिशें जारी रखीं। अधिकारियों के अनुसार झुंड अभी भी गांव के आसपास ही मौजूद है, जिससे सभी को सतर्क रहने की सलाह दी गई है।

सोमवार सुबह घटना से आक्रोशित ग्रामीणों ने लालपनिया रोड को जाम कर दिया। प्रदर्शनकारी मृतका के परिजनों को उचित मुआवजा, परिवार के लिए स्थायी सहायता और क्षतिग्रस्त घरों की भरपाई की मांग कर रहे हैं। ग्रामीणों ने प्रशासन पर समय पर कार्रवाई न करने और गांव में हाथियों की बढ़ती आवाजाही पर रोक नहीं लगाने का आरोप भी लगाया है।

फिलहाल प्रशासन और वन विभाग स्थिति को नियंत्रित करने और ग्रामीणों को राहत देने के प्रयास में जुटे हुए हैं।

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