रामगढ़ , जनवरी 14 -- झारखंड के रामगढ़ जिला कुज्जू ओपी क्षेत्र अंतर्गत स्थानीय व्यवसायी डब्बू सिंह के आवास पर हुई गोलीबारी की घटना का रामगढ़ पुलिस ने सफल उद्भेदन कर लिया है।

इस मामले में पुलिस ने अंतरराज्यीय छह अपराधियों को गिरफ्तार करते हुए पिस्टल, देशी कट्टा, बड़ी संख्या में जिंदा कारतूस, मोबाइल फोन और एक मोटरसाइकिल बरामद की है। घटना के पीछे रंगदारी नहीं देने का मामला सामने आया है। पुलिस अधीक्षक अजय कुमार (भा.पु.से.) ने मंगलवार को बताया कि 5 जनवरी 2026 की संध्या कुज्जू ओपी क्षेत्र के नया मोड़ स्थित डब्बू सिंह के आवास पर अज्ञात अपराधियों द्वारा फायरिंग की गई थी। घटनास्थल पर राहुल दुबे गिरोह का धमकी भरा पर्चा भी छोड़ा गया था।

इस संबंध में मांडू (कुज्जू) थाना कांड संख्या-04/2026 दर्ज कर अनुसंधान प्रारंभ किया गया। घटना की गंभीरता को देखते हुए अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी, रामगढ़ के नेतृत्व में एसआईटी का गठन किया गया। तकनीकी एवं गहन अनुसंधान में यह तथ्य सामने आया कि राहुल दुबे गिरोह व सत्यम शुक्ला उर्फ आशीष शुक्ला के निर्देश पर रंगदारी की राशि नहीं देने के कारण गोलीबारी की गई थी। अनुसंधान के क्रम में 13 जनवरी को एनएच-33 स्थित भोजपुर ढाबा एवं इमामबाड़ा श्याम सरोवर ढाबा के आसपास जंगल-झाड़ी से छह अपराधियों को गिरफ्तार किया गया। इनके पास से अवैध आग्नेयास्त्र व अन्य सामग्री बरामद की गई। इस बाबत मांडू (कुज्जू) थाना कांड संख्या-07/2026 दर्ज किया गया है।

पुलिस सूत्रों के अनुसार राहुल दुबे व सत्यम शुक्ला द्वारा उत्तर प्रदेश के दो कुख्यात शूटरों को पैसे देकर रांची के एक बड़े व्यवसायी की हत्या की सुपारी भी दी गई थी। गिरफ्तार अभियुक्त में नकुल कुमार चौहान उर्फ बिजली (22 वर्ष), ट्रांसपोर्ट नगर, कुज्जू, राज कुमार करमाली उर्फ राज विश्वकर्मा (25 वर्ष), ट्रांसपोर्ट नगर, कुज्जू, मुकेश करमाली (19 वर्ष), बनवार, तोपा कोलियरी, कुज्जू, रंजीत साव उर्फ रंजन कुमार (28 वर्ष), वर्तमान पता महावीर नगर डुमरदगा, रांची, जयेश पाल (24 वर्ष), रतासी, जौनपुर (उ.प्र.), सन्नी सिंह उर्फ आशुतोष सिंह (29 वर्ष), जौनपुर (उ.प्र.) का नाम शामिल है।

गिरफ्तार अपराधियों के पास से दो पिस्टल, देशी कट्टा , विभिन्न बोर के कुल 42 जिंदा कारतूस, 8 एंड्रॉयड मोबाइल फोन, काले रंग की यामाहा R-15 मोटरसाइकिल बरामद किया। छापामारी टीम में अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी रामगढ़ सहित मांडू, कुज्जू, वेस्ट बोकारो ओपी एवं तकनीकी शाखा के कई पुलिस पदाधिकारी और सशस्त्र बल शामिल थे। पुलिस अधीक्षक ने स्पष्ट किया है कि अपराधियों के आपराधिक इतिहास की भी जांच की जा रही है तथा आगे की कार्रवाई जारी है।

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