शिमला , नवंबर 01 -- हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने हिमाचल प्रदेश राज्य सहकारी दुग्ध उत्पादक संघ लिमिटेड की समीक्षा बैठक की अध्यक्षता करते हुए इसके उत्पादों को उसके ग्राहकों तक पहुंचाने के लिए बेहतरीन तरीकों का इस्तेमाल करने और उच्च गुणवत्ता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। राज्य में दो वर्षों में 222 स्वचालित दुग्ध संग्रहण इकाइयां स्थापित की गई हैं।
उन्होंने सेना और स्थानीय लोगों को इसके उत्पाद उपलब्ध कराने के लिए किन्नौर जिले के करछम या टापरी में एक दुग्ध प्रसंस्करण केंद्र स्थापित करने की बात कही। उन्होंने उत्पादन में और वृद्धि सुनिश्चित करने को शिमला जिले के दत्तनगर स्थित दोनों दुग्ध प्रसंस्करण संयंत्रों को आउटसोर्स के आधार पर संचालित करने की संभावना पर भी विचार करने का सुझाव दिया।
मंडी जिले में पहले से मौजूद दुग्ध प्रसंस्करण संयंत्र में एक नया दुग्ध पाउडर संयंत्र स्थापित करने का प्रस्ताव तैयार करने के निर्देश दिए गए। उन्होंने कहा कि इस वित्तीय वर्ष के दौरान संघ ने दूध खरीद में सबसे अधिक वृद्धि दर्ज की है और 29 नए बल्क मिल्क कूलर स्थापित किए गए हैं।
राज्य में दो वर्षों में 222 स्वचालित दुग्ध संग्रहण इकाइयां स्थापित की गई हैं। दुग्ध उत्पादक सहकारी समितियों की संख्या बढ़ाने के लिए अनेक स्तरों पर प्रयास किए गए हैं और अब इनकी संख्या बढ़कर 716 हो गई है। मिल्कफेड को दूध बेचने वाले किसानों की संख्या में भी उल्लेखनीय वृद्धि हुई है, जो अब 40,000 से अधिक हो गई है।
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