पटना , फरवरी 07 -- बिहार के स्वास्थ्य मंत्री मंगल पांडेय ने शनिवार को कहा कि राज्य के 110 प्रखण्डों में तीन चरणों में सम्पूर्ण टीकाकरण के लक्ष्य की शत प्रतिशत प्राप्ति के लिये विशेष अभियान संचालित किया जाएगा।
श्री पांडेय ने आज बयान जारी कर कहा कि राज्य सरकार सम्पूर्ण टीकाकरण के शत-प्रतिशत आच्छादन लक्ष्य की प्राप्ति के लिए कृत संकल्पित है। वहीं, वर्ष 2026 तक खसरा-रूबैला रोग के उन्मूलन का लक्ष्य भी रखा गया है। इस कड़ी में सम्पूर्ण टीकाकरण के लक्ष्य की शत प्रतिशत प्राप्ति के लिए राज्य के 110 प्रखण्डों में तीन चरणों में विशेष अभियान संचालित किया जाएगा।
मंत्री ने बताया कि प्रथम चरण का अभियान 09 फरवरी से 14 फरवरी, द्वितीय चरण 09 मार्च से 14 मार्च और तृतीय चरण का अभियान 07 अप्रैल से 13 अप्रैल 2026 तक संचालित किया जाएगा। उन्होंने बताया कि अवकाश दिवस को छोड़कर यह अभियान प्रतिदिन चलेगा। साथ ही दो हजार आयुष्मान आरोग्य मंदिर पर बनाए गए टीकाकरण केंद्र पर सोमवार, मंगलवार एवं गुरुवार को टीकाकरण यथावत जारी रहेगा।
श्री पांडेय ने कहा कि प्रत्येक जिले के कम आच्छादन वाले प्रखंडों के अन्तर्गत आने वाले प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्रों, उपकेन्द्रों एवं टीकाकरण सत्रों का चयन विशेष आधार पर किया गया है। इसके लिए प्रतिवेदित आच्छादन आंकड़ों को आधार बनाया गया है। उन्होंने कहा कि अभियान के दौरान विशेष रूप से ऐसे गांव तथा टोलों को चिन्हित किया जाएगा जहां नियमित टीकाकरण सत्र आयोजित नहीं होता है। साथ ही, ऐसे सत्र जहां पिछले छह माह में दो या दो से अधिक बार टीकाकरण सत्र आयोजित नहीं किया गया है या जहां काली खांसी, गलघोंटू एवं खसरे का प्रकोप पाया गया है, वहां अनिवार्य रूप से टीकाकरण सत्र संचालित किए जाएंगे। रिक्त उपकेन्द्र जहां टीकाकरण सत्र आयोजित नहीं किए जाते, खराब मोबलाइलेशन वाले क्षेत्र, टीके से पूरी तरह वंचित लाभार्थी वाले क्षेत्र और टीकाकरण से इन्कार करने वाले सत्रों को भी इस नियमित टीकाकरण अभियान में विशेष प्राथमिकता दी जाएगी।
मंत्री ने कहा कि 90 प्रतिशत से कम टीकाकरण आच्छादन वाले प्रखंडों को अति-संवेदनशील मानते हुए विशेष ध्यान दिया जाएगा। इसके तहत ईंट भट्ठा, दियारा क्षेत्र और मलिन बस्ती जैसे दुर्गम स्थानों पर, जहां स्वतंत्र रूप से टीकाकरण सत्र आयोजित नहीं होते हैं, वहां अतिरिक्त सत्र लगाए जाएंगे। उन्होंने कहा कि सभी टीकाकर्मी ए.एन.एम.,जीएनएम,सीएचओ,आशा और आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं का एईएफआई से संबंधित प्रशिक्षित कराया जाएगा।कार्यक्रम के सफल क्रियान्वयन के लिये सूक्ष्म कार्ययोजना की समीक्षा की जाएगी और सभी संचालित सत्रों का विवरण पोर्टल पर प्रकाशित किया जाएगा।
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