पटना, जनवरी 07 -- बिहार के उद्योग मंत्री डॉ दिलीप जायसवाल ने बुधवार को कहा कि राज्य में स्टार्टअप्स के लिए मेंटरशिप इकोसिस्टम को और अधिक मजबूत किया जाए, जिससे नवोदित उद्यमियों को निरंतर और गुणवत्तापूर्ण मार्गदर्शन मिल सके।
उद्योग विभाग में डॉ. जायसवाल की अध्यक्षता में बुधवार को राज्य के विभिन्न इन्क्यूबेशन सेंटर्स के साथ एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक आयजित की गई। बैठक में विभाग के सचिव कुंदन कुमार, उद्योग निदेशक मुकुल कुमार गुप्ता सहित संबंधित वरिष्ठ अधिकारी एवं कर्मी उपस्थित थे।
बैठक का उद्देश्य बिहार में स्टार्टअप, नवाचार एवं उद्यमिता इकोसिस्टम की वर्तमान स्थिति की समीक्षा कर उसे और अधिक सुदृढ़ करने के लिए ठोस रणनीति तैयार करना था।
समीक्षा के दौरान बताया गया कि 22 इन्क्यूबेशन सेंटर्स के माध्यम से अब तक कुल 90 विद्यार्थियों का चयन स्टार्टअप बिहार में किया गया है। साथ ही इन्क्यूबेशन सेंटर्स ने हजारों मेंटरशिप सत्रों का आयोजन भी किया है, जिनमें बिहार कृषि विश्वविद्यालय, सबौर, भारतीय प्रद्योगिकी संस्थान(आई आई टी), पटना, चन्द्रगुप्त इंस्टिट्यूट ऑफ़ मैनेजमेंट, पटना एवं एमिटी,पटना का योगदान उल्लेखनीय रहा।
वर्तमान में इन्क्यूबेशन सेंटर्स से 700 से ज्यादा स्टार्टअप इन्क्यूबेटेड है तथा इनके साथ 300 से अधिक मेंटर्स जुड़े हुए हैं, जो स्टार्टअप्स को तकनीकी, प्रबंधकीय एवं बाजार से जुड़ा मार्गदर्शन प्रदान कर रहे हैं।
बैठक के दौरान मंत्री डॉ जायसवाल ने निर्देश दिया कि देश के सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने वाले राज्यों के स्टार्टअप इकोसिस्टम का तुलनात्मक अध्ययन कर एक विस्तृत रिपोर्ट तैयार की जाए तथा उनकी सफल कार्यप्रणालियों को बिहार में लागू किया जाए।
श्री जायसवाल ने यह भी निर्देश दिया कि राज्य के इन्क्यूबेशन सेंटर्स के प्रतिनिधि देश के अग्रणी इन्क्यूबेशन सेंटर्स, जैसे आई आई टी, मद्रास रिसर्च पार्क, आई आई टी, मुंबई, टेक -हब हैदराबाद आदि का भ्रमण करें, जिससे उभरती तकनीकों, नवाचारों एवं सफल व्यवसायिक मॉडलों से सीख लेकर उन्हें बिहार में अपनाया जा सके।
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