पटना , फरवरी 06 -- निगरानी विभाग के अपर मुख्य सचिव अरविंद कुमार चौधरी ने शुक्रवार को कहा कि बिहार को भ्रष्टाचार- मुक्त बनाने की दिशा में तेजी से काम हो रहा है और राज्य में जल्द ही तीन नये निगरानी थाने खोले जायेंगे।

अपर मुख्य सचिव श्री चौधरी ने बताया कि इसके तहत अररिया, पूर्णिया और कटिहार जिलों में निगरानी थाना खोलने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। उन्होंने यह भी कहा कि मामलों की बढ़ती संख्या को देखते हुये राज्य में अदालतों की संख्या बढ़ाने पर भी गंभीरता से विचार किया जा रहा है।

अपर मुख्य सचिव श्री चौधरी निगरानी अन्वेषण ब्यूरो के सभागार में आयोजित तृतीय सतर्कता सम्मान समारोह सह कार्यशाला को संबोधित कर रहे थे। समारोह का उद्घाटन अपर मुख्य सचिव अरविंद कुमार चौधरी, निगरानी अन्वेषण ब्यूरो के महानिदेशक जितेंद्र सिंह गंगवार और पुलिस महानिरीक्षक गरिमा मल्लिक ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलित कर किया।

इस अवसर पर भ्रष्टाचार उन्मूलन में उल्लेखनीय सहयोग देने वाले लोक अभियोजक, धावादल प्रभारी, परिवादी, अनुसंधानकर्ता और सत्यापनकर्ताओं को सम्मानित किया गया।

इस अवसर पर उन्होंने कहा कि नये आपराधिक कानून लागू होने के बाद अपेक्षा है कि तीन वर्षों के भीतर न्यायिक प्रक्रिया पूरी हो जायेगी। अपर मुख्य सचिव ने विभाग की उपलब्धियों की सराहना करते हुये पुराने मामलों के निपटारे में आई तेजी के लिये महानिदेशक और उनकी टीम को बधाई दी।

निगरानी अन्वेषण ब्यूरो के महानिदेशक जितेंद्र सिंह गंगवार ने स्वागत भाषण में कहा कि विभाग लगातार अपने ही रिकॉर्ड तोड़ रहा है। लोगों की बढ़ती जागरूकता के कारण शिकायतों और मामलों की संख्या बढ़ रही है। शिकायत मिलते ही भ्रष्टाचारियों के खिलाफ त्वरित और सख्त कार्रवाई की जा रही है और किसी भी विभाग या अधिकारी को बख्शा नहीं जा रहा है। उन्होंने बताया कि निगरानी थानों में दर्ज मामलों का स्पीडी ट्रायल कराया जायेगा और ट्रैप कार्रवाई में परिवादियों की ओर से दिये गये रुपये उनके खातों में वापस भेज दिये गये हैं।

समारोह का धन्यवाद ज्ञापन पुलिस महानिरीक्षक गरिमा मल्लिक ने किया। कार्यक्रम में निगरानी अन्वेषण ब्यूरो के सभी वरिष्ठ अधिकारी और डीआईजी स्तर के अधिकारी उपस्थित रहे।

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