बारां , फरवरी 12 -- राजस्थान की उपमुख्यमंत्री एवं वित्त मंत्री दिया कुमारी द्वारा 11 फरवरी को विधानसभा में प्रस्तुत बजट में राज्य कर्मचारी, संविदा एवं मानदेय कर्मियों के हितों की अनदेखी करने के विरोध में अखिल राजस्थान राज्य कर्मचारी संयुक्त महासंघ के आह्वान पर राज्य भर में आक्रोशित कर्मचारियों ने जिला मुख्यालय पर बजट प्रतियों की होली जलायी।

महासंघ के जिलाध्यक्ष रामप्रसाद नागर एवं जिला मंत्री भूपेंद्र माथोड़िया ने गुरुवार को बताया कि सरकार राज्य के कर्मचारियों को बजट घोषणा के नाम पर समितियों के जाल में फंसाना चाह रही है। राज्य सरकार द्वारा मांगें मानना तो दूर अपने दो वर्षों के कार्यकाल में कर्मचारी महासंघ से एक भी बार द्विपक्षीय वार्ता तक नहीं की गयी है। सरकार के दो वर्ष के कार्यकाल में कर्मचारी सड़कों पर नजर आना सरकार की पूरी तरह से विफलता साबित हो रही है।

राजस्थान शिक्षक संघ, शेखावत के जिलाध्यक्ष चंद्रभान मीना एवं मंत्री जीतमल मालव ने कहा कि सरकार पिछली बजट घोषणा के बावजूद कर्मचारियों का कैडर पुनर्गठन नहीं कर रही है और इस बार तो पदोन्नति एवं वेतन विसंगति दूर करने के नाम पर समिति के गठन की घोषणा करके कर्मचारियों की मांगोंको हवा में लटकाने का काम कर रही है।

आईटी जिलाध्यक्ष प्रेम बिहारी ने कहा कि राज्य के लाखों संविदा एवं मानदेय कार्मिकों के संबंध में बजट में एक भी शब्द नहीं बोलना सरकार की जबरदस्त असंवेदनशीलता का परिचायक है। अब भी सरकार महासंघ के सात संकल्पों पर द्विपक्षीय वार्ता के माध्यम से समाधान नहीं निकाला गया, तो महासंघ इसी बजट सत्र के दौरान बड़ा आंदोलन करेगा।

इससे पहले बारां कर्मचारी संयुक्त महासंघ के जिलाध्यक्ष रामप्रसाद नागर और जिला मंत्री भूपेंद्र माथोड़िया के नेतृत्व में कलेक्ट्रेट पर सैंकड़ो कर्मचारियों ने सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी करते हुए बजट की प्रतियां जलाई और राष्ट्रव्यापी हड़ताल के समर्थन में जबरदस्त प्रदर्शन किया।

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