नयी दिल्ली , दिसंबर 08 -- राज्यसभा में सोमवार को पूर्व सदस्य स्वराज कौशल को श्रद्धांजलि दी गयी और उनके सम्मान में मौन रखा गया।

आज पूर्वाह्न 11 बजे राज्यसभा की कार्यवाही शुरू होते ही सभापति सी.पी. राधाकृष्णन ने सदन को दुःख के साथ सूचित किया कि श्री कौशल का 04 दिसंबर को 73 वर्ष की उम्र में निधन हो गया। वह 1998 से 2004 तक हरियाणा से सदन के सदस्य रहे थे। वह 1990 में मिजोरम के राज्यपाल बने और इस पद पर पहुंचने वाले सबसे युवा व्यक्ति थे।

श्री राधाकृष्णन ने बताया कि 12 जुलाई 1952 को हिमाचल प्रदेश के सोलन में जन्मे श्री कौशल ने डीएवी चंडीगढ़ से प्रारंभिक शिक्षा प्राप्त की और चंडीगढ़ विश्वविद्यालय से कानून की पढ़ाई की। वह एक बेहतरीन अधिवक्ता थे और उनकी वैचारिक स्पष्टता के लिए सभी उनका सम्मान करते थे। उन्होंने 1986 के मिजोरम शांति समझौते और नागालैंड शांति वार्ता में भी अहम भूमिका निभायी थी।

सभापति ने बताया कि उनका पूरा परिवार देश की सेवा में समर्पित रहा है। उनकी पत्नी स्वर्गीय सुषमा स्वराज दिल्ली की पहली महिला मुख्यमंत्री और केंद्र में कैबिनेट मंत्री रही थीं। उनकी बेटी बांसुरी स्वराज लोकसभा की वर्तमान सदस्य हैं।

उन्होंने कहा, "श्री स्वराज कौशल के निधन से देश ने एक सहृदय इंसान, एक बेहतरीन न्यायविद और एक सक्षम प्रशासक को खो दिया है।"इसके बाद सदन ने कुछ देर मौन रखकर श्री कौशल को श्रद्धांजलि दी।

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