चेन्नई , जनवरी 19 -- तमिलनाडु विधानसभा का 2026 का पहला सत्र मंगलवार को यहां राज्यपाल आर.एन. रवि के पारंपरिक अभिभाषण के साथ शुरू होगा। सत्र के तीन-चार दिनों तक चलने की संभावना है, जिसके दौरान मुख्य विपक्षी दल अन्नाद्रविड़ मुनेत्र कषगम (अन्नाद्रमुक) विभिन्न जनहित के मुद्दों पर सत्तारूढ़ द्रविड़ मुनेत्र कषगम (द्रमुक) को घेरने की तैयारी में है।
सत्र की अवधि पर अंतिम निर्णय अध्यक्ष एम. अप्पावु के कक्ष में होने वाली कार्य सलाहकार समिति की बैठक में लिया जाएगा। राज्यपाल के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव और मुख्यमंत्री एम. के. स्टालिन के जवाब के बाद सदन की कार्यवाही स्थगित कर दी जाएगी। इसके बाद फरवरी के अंतिम सप्ताह या मार्च के पहले सप्ताह में अंतरिम बजट/ लेखानुदान पेश करने के लिए सत्र फिर से बुलाया जाएगा।
चूंकि राज्य में तीन-चार महीनों में विधानसभा चुनाव होने वाले हैं, इसलिए वित्त मंत्री थंगम थेनारासु अंतरिम बजट पेश करेंगे। वर्ष 2026-27 का पूर्ण बजट नयी सरकार के गठन के बाद सदन में रखा जाएगा।
इस बीच, सबकी निगाहें राज्यपाल पर टिकी होंगी कि क्या वह राज्य सरकार द्वारा तैयार किया गया पूरा भाषण पढ़ेंगे। गौरतलब है कि पिछले वर्षों में राज्यपाल द्वारा तैयार पाठ से अलग हटने और राष्ट्रगान न बजाये जाने का हवाला देकर सदन से बाहर जाने जैसी घटनाएं हो चुकी हैं। द्रमुक सरकार और राजभवन के बीच विश्वविद्यालयों के कुलपतियों की नियुक्ति और विधेयकों को मंजूरी देने में देरी जैसे कई मुद्दों पर लंबे समय से टकराव चल रहा है।राजनीतिक मोर्चे पर, अन्नाद्रमुक अपने दो सदस्यों की अनुपस्थिति में सदन की कार्यवाही में भाग लेगी। मनोज पांडियन द्रमुक में शामिल हो चुके हैं, जबकि आठ बार के विधायक के. ए. सेंगोट्टैयन पार्टी से निष्कासित होने के बाद अभिनेता से नेता बने विजय की पार्टी टीवीके में शामिल हो गये हैं।
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