लखनऊ , फरवरी 9 -- उत्तर प्रदेश विधानमंडल के बजट सत्र के पहले दिन सोमवार को विपक्ष द्वारा किए गए हंगामे पर सरोजनीनगर से विधायक डॉ. राजेश्वर सिंह ने कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त की है। उन्होंने कहा कि राज्यपाल के अभिभाषण को सुने बिना विरोध करना लोकतांत्रिक मर्यादाओं और संसदीय परंपराओं के खिलाफ है।

डॉ. सिंह ने कहा कि राज्यपाल का अभिभाषण एक संवैधानिक प्रक्रिया है, जो सरकार की नीतियों और आगामी कार्ययोजना को सदन के समक्ष प्रस्तुत करता है। इसे बाधित करना न केवल संविधान की भावना का उल्लंघन है, बल्कि विधानसभा की गरिमा को भी ठेस पहुंचाता है। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में विरोध विपक्ष का अधिकार है, लेकिन उसका तरीका शालीन, तथ्यपरक और संवाद आधारित होना चाहिए।

उन्होंने कहा कि शोर-शराबा, नारेबाजी और कार्यवाही में व्यवधान किसी भी रूप में रचनात्मक राजनीति का उदाहरण नहीं हो सकता। सशक्त लोकतंत्र की पहचान तर्क, बहस और संवाद से होती है, न कि अव्यवस्था से। विधानसभा जनता के करों से संचालित सर्वोच्च लोकतांत्रिक मंच है और इसकी कार्यवाही में बाधा डालना जनता के विश्वास का अपमान है।

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