जयपुर , दिसंबर 30 -- राजस्थान के पुलिस महानिदेशक राजीव शर्मा ने प्रदेश में कानून व्यवस्था को लेकर सख्त निर्देश दिए हैं। श्री शर्मा ने प्रदेश की कानून व्यवस्था को नई दिशा देने और पुलिसिंग को पूरी तरह जन-केंद्रित बनाने के लिए मंगलवार को जयपुर ग्रामीण में आयोजित रेंज स्तरीय बैठक में यह निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि थाना प्रभारी व्यक्तिगत रूप से यह सुनिश्चित करें कि हर पीड़ित की बात तत्काल एवं पूर्ण संवेदनशीलता से सुनी जाए। साथ ही थानों में अपराधियों के प्रति जीरो टॉलरेंस की नीति, वांछित अपराधियों की त्वरित धरपकड़ और हार्डकोर अपराधियों के खिलाफ कठोरतम कानूनी कार्रवाई के आदेश दिए गए हैं।
उन्होंने न्याय प्रणाली को गति देने के लिए अपराधियों को सजा दिलाने की दर को शत-प्रतिशत करने का लक्ष्य रखा है। अब चोरी, लूट और जबरन वसूली जैसे गंभीर मामलों में आरोपियों की गिरफ्तारी और माल की बरामदगी के बाद चार्जशीट दाखिल करने में किसी भी तरह की देरी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने कहा कि साक्ष्यों को इतनी मजबूती और वैज्ञानिक तरीके से पेश किया जाए कि अदालत में अपराधी का बचना नामुमकिन हो। तकनीकी मोर्चे पर भी पुलिस को अपडेट करते हुए साइबर अपराध और आईटी एक्ट एंड पोस्को एवं वूमन एट्रोसिटी के लंबित मामलों को 60 दिनों के भीतर निपटाने की समय सीमा तय करने के निर्देश दिए गए। साइबर हेल्पलाइन 1930 के माध्यम से प्राप्त शिकायतों पर और तत्परता से कार्रवाई पर जोर दिया गया है।
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