चंडीगढ़ , फरवरी 10 -- पंजाब राज्य अनुसूचित जाति आयोग के अध्यक्ष जसवीर सिंह गढ़ी ने मंगलवार को कहा कि आयोग की ओर से भेजे गए नोटिस को विपक्ष के नेता प्रताप सिंह बाजवा के चंडीगढ़ स्थित निवास के घरेलू कर्मचारियों ने लेने से इनकार कर दिया।

श्री गढ़ी ने बताया कि कैबिनेट मंत्री हरभजन सिंह ई.टी.ओ. के खिलाफ की गई जातिसूचक टिप्पणी के संबंध में एस.सी. आयोग द्वारा लिए गए संज्ञान नोटिस की तामील करवाने के लिए कमीशन का कर्मचारी दो बार विपक्ष के नेता के घर जा चुका है। उन्होने कहा कि बाजवा को पहले तरनतारन चुनाव के दौरान नोटिस जारी किया गया था और अब फिर 90 दिनों के भीतर एक अन्य मामले में नोटिस जारी किया गया है। उन्होंने कहा कि प्रताप सिंह बाजवा द्वारा अपने इस बयान के माध्यम से जहां उन्होंने अपनी संकीर्ण सोच का प्रदर्शन किया है, वहीं कांग्रेस पार्टी के दलित विरोधी डी.एन.ए. का चेहरा भी स्पष्ट किया है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वडिंग भी दलित विरोधी मानसिकता को अपने बयानों के माध्यम से व्यक्त कर चुके हैं और कमीशन जल्द उनके खिलाफ भी कार्रवाई करने जा रहा है।

उन्होंने कहा कि हरभजन सिंह ई.टी.ओ. ने अपने जीवन में कठिनाइयों के बावजूद एम.ए., बी.एड. करने के बाद बच्चों को शिक्षा देने का कार्य किया और फिर पंजाब की बहुत ही सम्मानजनक पी.सी.एस. परीक्षा पास करके ई.टी.ओ. बनकर सेवाएं निभाईं। जिस पर दलित वर्ग और समूचे पंजाब को बहुत गर्व है। उन्होने कहा कि कांग्रेस पार्टी ने दलितों का केवल अपमान ही किया है, जिसके अनेक सबूत हैं। उन्होंने प्रताप सिंह बाजवा को 11 फरवरी को अपराह्न तीन बजे आयोग के समक्ष अपना स्पष्टीकरण देने के लिए कहा है।

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