पटना, मार्च 11 -- बिहार सरकार राजस्व प्रशासन को अधिक आधुनिक, पारदर्शी और दक्ष बनाने की दिशा में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) आधारित तकनीकों के उपयोग की शुरुआत करने जा रही है।
राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग के अपर सचिव आजीव वत्सराज ने इस संबंध में सभी प्रमंडलीय आयुक्तों और जिलाधिकारियों को विस्तृत दिशा-निर्देश जारी किए हैं।
जारी पत्र के अनुसार भारत सरकार द्वारा सात मार्च 2024 को इंडिया ए आई मिशन की स्थापना की गई है, जिसके माध्यम से निर्णय प्रक्रिया को बेहतर बनाने, लोक सेवाओं का ऑटोमेशन बढ़ाने तथा कमियों और संभावित धोखाधड़ी की पहचान करने जैसे कार्यों को तकनीक के माध्यम से मजबूत किया जा रहा है। इसी के अनुरूप बिहार में भी बिहार ए आई मिशन की स्थापना की गई है।
सूचना प्रौद्योगिकी विभाग इसके क्रियान्वयन के लिए आवश्यक कदम उठा रहा है। इसी को देखते हुए राजस्व प्रशासन में भी एआई के विधिवत और व्यवस्थित उपयोग की दिशा में पहल की गई है। विभाग के तीन वरिष्ठ भारतीय प्रशासनिक सेवा के अधिकारियों को फरवरी 2026 में नई दिल्ली में आयोजित वर्ल्ड एआई कॉन्फ्रेंस में भाग लेने के लिए भेजा गया था, जिससे यह समझा जा सके कि राजस्व प्रशासन के दैनिक कार्यों में एआई का प्रभावी उपयोग किन-किन क्षेत्रों में किया जा सकता है।
प्रत्येक जिले में अपर समाहर्ता (राजस्व) की अध्यक्षता में पांच सदस्यीय एआई सेल का गठन किया जाएगा। इसमें जिला के आईटी मैनेजर, एक भूमि सुधार उप समाहर्ता, एक अंचल अधिकारी और एक राजस्व अधिकारी सदस्य के रूप में शामिल होंगे।यह कोषांग जिला स्तर पर एआई के उपयोग से जुड़े निर्णय लेने वाली सर्वोच्च समिति के रूप में कार्य करेगा। इसका निर्णय जिलाधिकारी लेंगे। एआई सेल की बैठक प्रत्येक शनिवार को अपराह्न तीन बजे से छह बजे शाम तक अपर समाहर्ता (राजस्व) के कार्यालय कक्ष में आयोजित की जाएगी, जिसमें एआई के उपयोग से संबंधित योजनाओं और कार्यों की समीक्षा की जाएगी।
हिंदी हिन्दुस्तान की स्वीकृति से एचटीडीएस कॉन्टेंट सर्विसेज़ द्वारा प्रकाशित