जयपुर , जनवरी 29 -- राजस्थान उच्च न्यायालय ने एक महिला सरकारी अधिकारी के खिलाफ हत्या के आपराधिक आरोप को खारिज करते हुए निचली अदालत को मामले की ताजा और विस्तृत समीक्षा करने का आदेश दिया है।

उच्च न्यायालय ने पाया कि निचली अदालत ने मामले में आवश्यक तर्कपूर्ण निर्णय दिए बिना केवल कुछ प्रक्रियात्मक बातों पर निर्भर रहते हुए महिला अधिकारी के खिलाफ आरोप तय कर दिए थे, जो न्यायसंगत नहीं था।

फैसले में उच्च न्यायालय ने विशेष रूप से यह कहा कि सुनवाई प्रारंभ होने से पहले अभियोजन पक्ष और बचाव पक्ष के बीच उठाए गए महत्वपूर्ण विधिक बिंदुओं पर गहन विचार होना अनिवार्य है। न्यायालय ने निर्देश दिया कि निचली अदालत आरोप तय करने से पहले मामले के तथ्य, साक्ष्य और कानून की प्रासंगिक धाराओं पर "स्पष्ट और ठोस तर्क" तैयार करे और उसकी यथार्थ जांच हो।

न्यायालय की इस कार्रवाई से निचली अदालतों द्वारा जल्दबाज़ी में आरोप तय करने की प्रवृत्ति पर रोक लगाने में मदद मिलेगी और आरोपी के न्यायपूर्ण सुनवाई के अधिकार की रक्षा होगी। उच्च न्यायालय ने निचली अदालत को मामले को ताज़ा सिरे से देखने का निर्देश देते हुए संबंधित पक्षों को सुनवाई के लिए पर्याप्त अवसर देने को भी कहा।

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