जयपुर , जनवरी 28 -- राजस्थान में नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने 16वीं विधानसभा के पंचम एवं बजट सत्र में बुधवार को पेश किए गए राज्यपाल अभिभाषण को निराशाजनक और दिशाहीन करार देते हुए कहा है कि यह अभिभाषण सरकार की विफलताओं पर पर्दा डालने की नाकाम कोशिश है और सरकार ने अपनी पीठ थपथपाने के लिए राज्यपाल से असत्य बुलवाने का प्रयास किया है।

श्री जूली ने यहां प्रेस वार्ता में अभिभाषण पर अपनी प्रतिक्रिया में यह बात कही। उन्होंने कहा कि सरकार दावा कर रही है कि पेपर लीक नहीं हुए लेकिन अभिभाषण शुरू होने से ठीक पहले सामने आए ओएमआर शीट घोटाले पर सरकार और राज्यपाल दोनों ने चुप्पी साधे रखी। यह युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ है।

उन्होंने कहा कि 'खेलो इंडिया' का जिक्र तो किया गया लेकिन यह एक फ्लॉप शो था जहां रेस में बच्चे अकेले दौड़ते नजर आए। उन्होंने याद दिलाया कि कांग्रेस सरकार के 'राजीव गांधी ग्रामीण ओलंपिक' में 30 लाख से ज्यादा लोगों ने हिस्सा लिया था। जोधपुर में हमारी सरकार द्वारा तैयार 'स्टेट स्पोर्ट्स इंस्टिट्यूट' को द्वेष भावना के चलते शुरू नहीं किया जा रहा है।

उन्होंने कहा कि भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने एक साल में रिक्त पद भरने का वादा किया था लेकिन आज भी स्कूलों में एक लाख से अधिक पद खाली हैं। झालावाड़ के स्कूलों की स्थिति दयनीय है। निशुल्क ड्रेस योजना में राशि 1200 रुपये से घटाकर 600 रुपये कर दी गई है और इसे केवल अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति तक सीमित कर दिया गया है।

श्री जूली ने कहा कि भरतपुर और डीग जिलों में बालिकाओं को कबाड़ साइकिलें बांटी गई हैं और इस साल की स्कूटी का वितरण अब तक नहीं हुआ है। उन्होंने कहा कि किसान सम्मान निधि के तहत 12 हजार रुपये का वादा था लेकिन सिर्फ नौ हजार रुपये मिल रहे हैं। उन्होंने कहा कि यूरिया और डीएपी दुकानों के बजाय पुलिस थानों में बंट रहा है। किसानों को खाद के लिए लाठियां खानी पड़ी और जबरन नैनो यूरिया थमाया गया।

उन्होंने कहा कि वर्ष 2023 और 2024 के फसल खराब होने का मुआवजा अब तक नहीं मिला है। कांग्रेस सरकार ने 18 जिलों में दिन में बिजली देना शुरू किया था, यह सरकार दो साल में केवल चार जिले बढ़ा पाई है। गांवों में अघोषित कटौती जारी है। उन्होंने कहा कि सरकार 35 लाख करोड़ के एमओयू का ढोल पीट रही है लेकिन खुद मान रही है कि काम केवल आठ लाख करोड़ पर शुरू हुआ। बाकी 27 लाख करोड़ के एमओयू का क्या हुआ।

श्री जूली ने कहा कि वर्तमान सरकार ने 'चिरंजीवी योजना' का न केवल नाम बदला बल्कि उसकी आत्मा मार दी है और अस्पतालों में इलाज नहीं मिल रहा। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री टीबी मुक्त राजस्थान की बात करते हैं लेकिन एसएमएस अस्पताल में किट न होने से तीन महीने से टीबी की जांच बंद पड़ी है। आंगनबाड़ी और स्कूलों में बंट रहे दूध की गुणवत्ता लगातार खराब मिल रही है। उन्होंने कहा कि ग्राम स्वराज की बातें करने वाली सरकार पंचायतों के चुनाव नहीं करवा रही है। पंचायतीराज और नगरीय निकाय 'ठेके' पर चल रहे हैं। खाद्य सुरक्षा में नाम जोड़ने के बजाय काटे जा रहे हैं। जल जीवन मिशन पूरी तरह पिट चुका है, 20 लाख के वादे के मुकाबले दो लाख नल भी नहीं लगे हैं।

नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि सरकार केवल नई-नई नीतियां ला रही है, लेकिन उन्हें लागू करने की नीयत नहीं है। उन्होंने कहा कि अभिभाषण पर होने वाली चर्चा के दौरान विपक्ष विस्तार से सरकार की पोल खोलेगा।

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