डूंगरपुर , नवम्बर 15 -- राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने राज्य सरकार को जनजातीय विकास के लिए दृढ़ संकल्प बताया है और कहा है कि उसने जनजाति समाज के लिए कई कदम उठाये हैं।

श्री शर्मा शनिवार को डूंगरपुर के श्री भोगीलाल राजकीय महाविद्यालय में भगवान बिरसा मुंडा की 150वीं जयंती पर आयोजित राज्य स्तरीय जनजातीय गौरव दिवस समारोह को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार जनजातीय समाज के विकास के लिए दृढ़ संकल्पित है और छात्रावासों मैस भत्ता ढाई हजार से बढ़ाकर तीन हजार 250 रुपये प्रतिमाह, खेल अकादमियों में मैस भत्ता दो हजार 600 से बढ़ाकर चार हजार रुपये प्रति माह किया गया है। साथ ही, 232 नए मा-बाड़ी केंद्रों की स्थापना कर स्टाफ के मानदेय में दो वर्षों में लगातार 10-10 प्रतिशत की वार्षिक वृद्धि की गयी है। आठ लाख 39 हजार जनजाति किसानों को मुफ्त संकर मक्का बीज वितरण किया गया है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछले दो वर्षों में जनजाति कृषकों को दो लाख 36 हजार मिनी किट वितरित किये गये हैं। प्रदेश के नौ जिलों में 530 वन धन विकास केंद्रों का गठन कर डेढ़ लाख से अधिक महिलाओं को लाभान्वित किया जा रहा है। कौशल विकास प्रशिक्षण कार्यक्रम के तहत लगभग पांच हजार जनजातीय युवाओं को प्रशिक्षण दिया गया है। उन्होंने कहा कि तृतीय राष्ट्रीय लेक्रोस चैंपियनशिप में राज्य के जनजातीय प्रतिभा के 55 खिलाड़ियों ने छह वर्गों में पांच स्वर्ण और एक कांस्य पदक जीता है और लेक्रोस खेल में जनजातीय बालिकाओं ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर एशियन चैंपियनशिप में देश का प्रतिनिधित्व कर रजत पदक जीता है।

उन्होंने कहा कि जब हम भगवान बिरसा मुंडा को याद करते हैं, तब हमें प्रदेश के उन अमर जननायकों का भी स्मरण करना चाहिए, जिन्होंने इस धरती को वीरता और बलिदान से पवित्र किया। उन्होंने कहा कि जनजाति समुदाय ने सदियों से प्रकृति, संस्कृति, साहस और सत्य के मार्ग को जीवंत रखा है। राजस्थान के हृदय में सबसे जीवंत और प्रखर धारा के रूप में हमारे आदिवासी भाई-बहन हैं। उन्होंने कहा कि आदिवासियों का इतिहास संघर्ष से भरा है, लेकिन उससे भी अधिक गौरवपूर्ण है। इन्होंने जल, जंगल और जमीन के साथ संतुलन बनाकर विश्व को जीना सिखाया है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी 'विकास को सर्वांगीण, सर्वव्यापी और सर्वसमावेशी बनाने के लिए निरन्तर कार्य कर रहे हैं। उनके नेतृत्व में जनजातीय समाज के उत्थान के लिए अभूतपूर्व कदम उठाये गये हैं, जो नये भारत की आधारशिला बन रहे हैं। देश भगवान बिरसा मुंडा के निःस्वार्थ त्याग और राष्ट्रसेवा के लिए सदा ऋणी रहेगा, प्रधानमंत्री का यह वाक्य केवल श्रद्धांजलि नहीं, बल्कि एक राष्ट्रीय संकल्प है कि हम धरती आबा के आदर्शों के मार्ग पर निरंतर चलते रहेंगे।

इस अवसर पर जनजाति क्षेत्रीय विकास मंत्री बाबू लाल खराड़ी ने कहा कि भगवान बिरसा मुंडा अंग्रेजों से लड़ते-लड़ते शहीद हो गये। देश की आजादी में अपना बलिदान और योगदान देने वाले अनेकों जनजाति महानायकों के इतिहास को पहले कभी आमजन के सामने नहीं लाया गया लेकिन प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने भगवान बिरसा मुंडा के बलिदान और गौरव को याद करने के लिए हर वर्ष जनजाति गौरव दिवस मनाने की शुरुआत की।

मुख्यमंत्री गुजरात के डेडियापाड़ा में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की मौजूदगी में आयोजित हुए जनजाति गौरव दिवस कार्यक्रम में वीसी के माध्यम से जुड़े और प्रधानमंत्री के संबोधन को सुना। इससे पहले मुख्यमंत्री ने जनजाति गौरव एवं विकास आधारित प्रदर्शनी का अवलोकन किया। उन्होंने ट्राइफेड, राजस और राजीविका द्वारा विभिन्न निर्मित उत्पादों एवं माणिक्य लाल वर्मा आदिम जाति शोध एवं प्रशिक्षण संस्थान द्वारा निर्मित कलाकृतियों की सराहना की। साथ ही, उन्होंने विभिन्न विभागों की स्टॉल्स पर लाभार्थियों को चैक, ट्राई साइकिल एवं स्कूटी का वितरण किया।

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