जयपुर , जनवरी 11 -- राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने किसान और पशुपालक को राज्य की अर्थव्यवस्था का प्रमुख आधार स्तंभ बताते हुए कहा है कि कृषि, पशुपालन एवं डेयरी क्षेत्र आपणो अग्रणी राजस्थान के संकल्प में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं और राज्य सरकार इनको उन्नत, समृद्ध और खुशहाल बनाने के लिए निरंतर फैसले ले रही है।
श्री शर्मा रविवार को मुख्यमंत्री कार्यालय में किसानों, पशुपालकों और डेयरी संघों में पदाधिकारियों के साथ बजट पूर्व संवाद कर रहे थे। उन्होंने कहा कि कृषि, पशुपालन और डेयरी क्षेत्र एक दूसरे के पूरक हैं। आपसी सामंजस्य के साथ कार्य करते हुए ये तीनों क्षेत्र आपणो अग्रणी राजस्थान के संकल्प को साकार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। उन्होंने कहा कि हमने सरकार के गठन के तुरंत बाद राज्य के विकास का रोड मैप बनाते हुए कृषि क्षेत्र की प्रमुख आवश्यकताओं पानी और बिजली पर विशेष ध्यान दिया। पानी की पर्याप्त उपलब्धता के लिए राम जल सेतु लिंक परियोजना, यमुना जल समझौता, इंदिरा गांधी नहर परियोजना, गंगनहर, माही बांध एवं देवास परियोजना के कार्यों को आगे बढ़ाया गया। वहीं बिजली आपूर्ति के क्षेत्र में भी लगातार कार्य करते हुए हमने वर्ष 2027 तक किसानों को दिन में बिजली उपलब्ध करवाने का लक्ष्य तय किया है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना में किसानों को प्रतिवर्ष मिलने वाली छह हजार रुपये की सम्मान निधि के अतिरिक्त राज्य सरकार मुख्यमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के तहत तीन हजार रुपये की सम्मान निधि दे रही है। अब तक राज्य सरकार द्वारा चार किस्तों में 72 लाख किसानों को 2 हजार 73 करोड़ रुपये की अतिरिक्त सम्मािन राशि दी जा चुकी है। उन्होंने कहा कि हमने पिछले दो साल में 921 करोड़ का अनुदान जारी कर 59 हजार से अधिक सौर पंप संयत्रों की स्थापना करवाई है। अब तक 17 लाख 30 हजार मृदा स्वास्थ्य कार्ड वितरित किए गए हैं। प्रदेश के कृषकों को निर्यातकों और खुदरा आपूर्ति समूहों से सीधे जोड़ने के लिए अब तक 913 कृषक उत्पादक संगठन पंजीकृत किए जा चुके हैं।
श्री शर्मा ने कहा कि गत दो वर्ष में वर्षा जल संग्रहण के लिए 35 हजार से अधिक फार्म पौंड का निर्माण करवाया गया है और इसके लिए 300 करोड़ रुपये से अधिक का अनुदान दिया गया है। 34 हजार से अधिक किलोमीटर में खेतों पर तारबंदी के लिए 377 करोड़ रुपये से अधिक का अनुदान दिया गया है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि किसानों की आय बढ़ाने और उनके उत्पादों को बाजार उपलब्ध कराने के लिए भी राज्य सरकार प्रयास कर रही है। राजस्थान निवेश प्रोत्साहन योजना-2024 में अन्य उद्योगों के साथ कृषि और इससे जुड़े उद्योगों को विभिन्न प्रोत्साहन देने का प्रावधान किया गया है। हमने 3 हजार 229 प्याज भंडारगृहों का निर्माण करवाया है, जिनके लिए करीब 45 करोड़ रुपये का अनुदान दिया गया है। राज्य के स्थानीय उत्पादों को अंतरराष्ट्रीय पहचान दिलाने के लिए सोजत की मेहंदी एवं नागौरी अश्वगंधा को जीआई टैग मिल चुका है। नागौरी पान मेथी, कैर, सांगरी, बीकानेरी मोठ, बारां के लहसुन और मारवाड़ी काचरी के जीआई टैग प्रक्रिया में है। उन्होंने कृषकों से आग्रह किया कि कृषि कार्य में रासायनिक उर्वरकों का सीमित मात्रा में उपयोग करें जिससे भूमि का उपजाऊपन बना रहे।
श्री शर्मा ने कहा कि राज्य सरकार ने पशुपालकों के हित में कई महत्वपूर्ण निर्णय लेकर उनका सशक्तीकरण किया है। पशुधन की असमय मृत्यु के कारण संभावित नुकसान से सुरक्षा मुहैया कराने के लिए मुख्यमंत्री मंगला पशु बीमा योजना शुरू की गई है। इस योजना के तहत अब तक 12 लाख से अधिक पशुओं का निःशुल्क बीमा किया गया है। उन्होंने कहा कि पशुपालकों को उनके द्वार पर पशु चिकित्सा सेवाएं उपलब्ध कराने के लिए मोबाइल वेटेरिनरी सेवाएं प्रारंभ की गई हैं। इसके तहत अब तक 536 मोबाइल वाहनों द्वारा करीब 60 लाख पशुओं का उपचार किया गया है। पशुओं के इलाज के लिए मुफ्त दवाओं की संख्या 138 से बढ़ाकर 200 कर दी गई है।
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