जयपुर , अप्रैल 06 -- राजस्थान राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण (रसला) प्रदेश की स्कूलों में बच्चों को विधिक जानकारी देने एवं उनमें जागरुकता लाने के लिए न्यायिक अधिकारियों द्वारा हर मंगलवार को स्कूलों में जाकर विधिक जागरूकता सत्र आयोजित करनेे के लिए सात अप्रैल से अभियान चलायेगा।
प्राधिकरण के सदस्य सचिव हरिओम अत्री ने सोमवार को मीडिया को यह जानकारी देते हुए बताया कि स्कूलों में कक्षा आठ से बारह तक के विद्यार्थियों में विधिक जागरूकता, संवैधानिक मूल्यों, अधिकारों एवं कर्तव्यों के प्रति समझ विकसित करने के उद्देश्य से यह राज्यव्यापी अभियान चलाया जायेगा। श्री अत्री ने बताया कि प्रदेश मं करीब 52 हजार स्कूलों में यह यह अभियान चलाकर इसके पहले दिन मंगलवार को चिह्नित 1400 स्कूलों में 1400 न्यायिक अधिकारी विधिक जागरूकता सत्र आयोजित करेंगे।
इन सत्रों के माध्यम से एक ही दिन में चार लाख से अधिक विद्यार्थियों तक पहुंचकर उन्हें दैनिक जीवन से जुड़े कानूनों, संवैधानिक अधिकारों, विधिक सहायता, बाल अधिकार, महिला अधिकार, साइबर अपराध से बचाव तथा जिम्मेदार नागरिकता जैसे विषयों पर व्यवहारिक जानकारी प्रदान की जाएगी। यह पहल विद्यार्थियों को विधिक रूप से जागरूक बनाने के साथ-साथ उनमें उत्तरदायित्व एवं विधि के प्रति सम्मान की भावना विकसित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित होग।
उन्होंने बताया कि हर महीने अलग अलग विषयों पर एक बुकलेट जारी की जायेगी और इस तरह कुल दस बुकलेट जारी होगी। यह अभियान दस महीने चलेगा। उन्होंने बताया कि 52 हजार स्कूले ज्यादात्तर ग्रामीण क्षेत्र की होगी जबकि शहरी स्कूलों के बच्चों को वीडियो कांफ्रेंस के माध्यम से जोड़कर विधिक जागरुक किया जायेगा।
श्री अत्री ने बताया कि विद्यार्थियों की समस्याओं के समाधान के लिए विद्यालयों में 'कोर्ट वाली दीदी' नामक विशेष शिकायत एवं सुझाव पेटियां स्थापित की जायेगी, जिनके माध्यम से विद्यार्थी अपनी किसी भी विधिक समस्या, शिकायत या जिज्ञासा को बिना पहचान बताए साझा कर सकेंगे। इन शिकायतों का परीक्षण कर आवश्यकतानुसार विधिक परामर्श एवं सहायता उपलब्ध कराई जाएगी। वर्तमान समय की चुनौतियों को दृष्टिगत रखते हुए अभियान में साइबर सुरक्षा पर विशेष ध्यान केंद्रित किया गया है। विद्यार्थियों को साइबर बुलिंग, डिजिटल अरेस्ट, ऑनलाइन फ्रॉड, सोशल मीडिया के सुरक्षित उपयोग आदि विषयों पर जागरूक किया जाएगा तथा "क्लिक करने से पहले सोचो" थीम पर आधारित विधिक सामग्री एवं पुस्तिकाएं भी वितरित की जायेगी।
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