जयपुर , दिसंबर 10 -- केन्द्रीय संस्कृति एवं पर्यटन मंत्री गजेन्द्र सिंह शेखावत ने बुधवार को कहा कि राजस्थान में जल उपलब्धता को लेकर राज्य सरकार द्वारा राम जलसेतु लिंक परियोजना, यमुना जल समझौता जैसी परियोजनाएं तेज गति से संचालित की जा रही हैं और इन प्रयासों से प्रदेश में भविष्य में जल संकट की संभावना नगण्य हो जायेगी।

श्री शेखावत बुधवार को प्रवासी राजस्थानी दिवस के अवसर पर आयोजित आगामी एक वर्ष में राजस्थान चैप्टर्स द्वारा प्रदेश के सामाजिक एवं आर्थिक विकास में योगदान की संभावनाओं के संबंध में आयोजित सेक्टोरल सेशन को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने राज्य की शांतिपूर्ण सामाजिक संरचना, मजबूत कानून-व्यवस्था, उत्कृष्ट सड़क नेटवर्क तथा निरंतर विस्तार हो रहे औद्योगिक इंफ्रास्ट्रक्चर को प्रदेश की प्रमुख ताकत बताते हुए कहा कि ये सभी मिलकर निवेशकों को सुरक्षित, स्थाई और भरोसेमंद वातावरण प्रदान करते हैं।

उन्होंने विकसित राजस्थान 2047 के विजन में देश-विदेश में बसे प्रवासी राजस्थानियों से प्रदेश के दीर्घकालिक विकास में योगदान देने का आह्वान करते हुए कहा कि प्रदेश के पर्यटन, संस्कृति, लोकपर्व, हस्तशिल्प, धार्मिक आयोजन और ऐतिहासिक धरोहरों में निवेश एवं नवाचार की अपार संभावनाएं हैं। उन्होंने प्रवासी राजस्थानियों को धन्यवाद देते हुए कहा कि उन्होंने राजस्थान की संस्कृति, परंपराओं और लोकपर्वों को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रतिष्ठित करने में भारत के दूत की भूमिका निभाई है। उन्होंने दीपावली पर्व को यूनेस्को की अमृत विरासत सूची में शामिल किए जाने पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए इसे देश की सांस्कृतिक पहचान के लिए एक गौरवपूर्ण उपलब्धि बताया।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि प्रवासी राजस्थानी दिवस हमारी साझी विरासत का उत्सव होने के साथ-साथ विचारों के आदान-प्रदान एवं अनुभव साझा करने तथा राजस्थान के भविष्य को और मजबूत बनाने के लिए संवाद का एक खुला मंच है। उन्होंने आश्वस्त किया कि प्रवासी राजस्थानियों की हर समस्या का समाधान राज्य सरकार की जिम्मेदारी है।

श्री शर्मा ने कहा कि हमने प्रवासी समुदाय की आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए 'राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय प्रवासी राजस्थानी मामले विभाग' का गठन किया है। सभी जिलों में प्रवासियों के सहयोग के लिए अधिकारियों को नोडल बनाया गया है। साथ ही राज्य सरकार ने एनआरआर के लिए एक डैशबोर्ड का निर्माण किया है। जिसमें प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों के गैप एरियाज को चिह्नित किया गया है ताकि प्रवासी राजस्थानी अपनी मातृभूमि के विकास में सक्रिय भूमिका निभा सके। उन्होंने आह्वान किया कि प्रवासी भाई-बहन सभी क्षेत्रों में भामाशाह के रूप में सहयोग के लिए आगे आए। इस कार्य में भी राज्य सरकार उनका पूरा सहयोग करेगी।

उन्होंने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री के मार्गदर्शन में हमारी सरकार ने पिछले वर्ष राइजिंग राजस्थान ग्लोबल इन्वेस्टमेंट समिट का सफल आयोजन किया। इस समिट के दौरान प्रवासी राजस्थानियों की भावना को सम्मान देते हुए राज्य सरकार ने हर साल 10 दिसंबर को प्रवासी राजस्थानी दिवस मनाए जाने का निर्णय लिया था।

श्री शर्मा ने कहा कि प्रधानमंत्री के विकास भी-विरासत भी के संकल्प को साथ लेकर कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि शेखावाटी की हवेलियां हमारी धरोहर हैं। राज्य सरकार ने शेखावाटी की हवेलियों के संरक्षण दिशा में अनेक हवेलियां चिह्नित की हैं। इसी तरह प्रदेश के सभी अंचलों में आध्यात्मिक पर्यटन की अपार संभावनाएं मौजूद हैं। सरकार सभी धार्मिक स्थलों पर पर्यटन सुविधाओं का विकास कर रही है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार प्रवासी राजस्थानियों के सहयोग से आने वाले समय में विकसित राजस्थान का सपना साकार होगा।

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