चूरू , दिसम्बर 05 -- राजस्थान में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष एवं भाजपा हरियाणा प्रभारी डा सतीश पूनियां ने प्रदेश में पार्टी कार्यकर्ताओं और जनता का भरपूर प्यार और आशीर्वाद को उनकी सबसे बड़ी पूंजी बताते हुए कहा है कि वह इससे संतुष्ट हैं और हमेशा राष्ट्रवाद के विचार को समर्पित होकर जन्मभूमि से लेकर प्रदेश के विकास का लक्ष्य के साथ काम कर रहे हैं।

डा पूनियां शुक्रवार को अपनी जन्मभूमि चूरू के बेवड़ गांव में राजकीय वरिष्ठ उपाध्याय संस्कृत विद्यालय भवन के शिलान्यास समारोह में बोल रहे थे। उन्होंने कहा कि जिस गांव में उनका जन्म हुआ, उस गांव की धरती पर उन्हें विद्यालय का शिलान्यास करने का सौभाग्य मिला; यह इस माटी के तप और सभी के आशीर्वाद से संभव हुआ है। उन्होंने कहा "यह मेरे लिए अत्यधिक खुशी और गौरव का क्षण है।"उन्होंने कहा कि उनका हमेशा प्रयत्न रहा कि जन्मभूमि से लेकर कर्मभूमि और पूरे प्रदेश का विकास हो और इसी क्रम में हमेशा उनके मन में यह संकल्प रहा कि उनका गांव बेवड़ और जिला चूरू भी शिक्षा, चिकित्सा, कृषि सहित सभी क्षेत्रों में अग्रणी बने, यह कोशिश हमेशा रहेगी।

उन्होंने कहा " जीवन में मैंने संघर्ष और कठिनाइयां देखीं हैं, वर्ष 1982 में बड़े भाई का निधन और वर्ष 1987 में पिताजी का चले जाना यह मेरे लिए बहुत दुखद घड़ी थी लेकिन इन तमाम कठिनाइयों के बावजूद राष्ट्रवाद के विचार को समर्पित होकर जन्मभूमि से लेकर प्रदेश के विकास का लक्ष्य हमेशा मेरे मन में रहा, जिसके लिए निरंतर परिश्रम करता हूं। लोग भले यह सोचते हों कि सतीश पूनियां ने जो पिछले 40 वर्षों में राजनीति को लेकर संघर्ष और परिश्रम किया उसका फल मिला कि नहीं मिला, लेकिन मैं इस बात से संतुष्ट हूं कि पूरे राजस्थान में पार्टी कार्यकर्ताओं और जनता का मुझे भरपूर प्यार और आशीर्वाद मिलता है, इस बात पर मुझे हमेशा गर्व है, यही मेरी सबसे बड़ी पूंजी है।"उन्होंने विश्व के लोकप्रिय नेता प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र की एनडीए सरकार और राजस्थान की भाजपा सरकार का हार्दिक अभिनंदन और आभार व्यक्त करते हुए कहा " मेरी जन्मभूमि के विद्यालय भवन के नये निर्माण के लिये बजट जारी किया, जिससे यह सुंदर और व्यवस्थित भवन बनकर तैयार होगा, जो हमारे प्रदेश और देश के भविष्य की युवा पीढ़ी के लिए शिक्षा की अलख जगाएगा।"कार्यक्रम में पद्मभूषण देवेंद्र झाझड़िया सहित कई गणमान्य लोग मौजूद थे।

हिंदी हिन्दुस्तान की स्वीकृति से एचटीडीएस कॉन्टेंट सर्विसेज़ द्वारा प्रकाशित