जयपुर , नवम्बर 10 -- राजस्थान सरकार की विभिन्न श्रमिक कल्याण योजनाओं के माध्यम से गत दो वर्षों में सात लाख 20 हजार से अधिक पात्र श्रमिकों को 804 करोड़ रुपये से अधिक की सहायता दी जा चुकी है।

आधिकारिक सूत्रों के अनुसार विभिन्न राज्य स्तरीय कार्यक्रमों में 555 करोड़ रुपये से अधिक की राशि पंजीकृत निर्माण श्रमिकों को डीबीटी के माध्यम से दी गयी है। मुख्यमंत्री भजन लाल शर्मा के नेतृत्व में राज्य में श्रमिक कल्याण की विभिन्न योजनाओं का सुचारू संचालन किया जा रहा है। केवल श्रमिक ही नहीं बल्कि उसके परिवार की गरिमा और सुरक्षा का ध्यान भी राज्य सरकार रख रही है। श्रमिकों के बच्चों के जन्म से लेकर पढ़ाई, विवाह और बीमारी में भी प्रदेश सरकार मजबूती से उनके साथ खड़ी है।

राज्य सरकार द्वारा संचालित निर्माण श्रमिक शिक्षा एवं कौशल विकास योजना में निर्माण श्रमिकों के बच्चों को शिक्षा एवं कौशल विकास के लिए प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से छात्रवृत्ति दी जाती है। इसके तहत कक्षा छह से आगे की पढाई के लिए आठ हजार से लेकर 25 हजार रुपये तक की छात्रवृत्ति दी जाती है। साथ ही आठवीं कक्षा से आगे अध्ययनरत मेधावी छात्र-छात्राओं को चार हजार रुपये से लेकर 35 हजार रूपये तक की अतिरिक्त प्रोत्साहन राशि दी जाती है। गत दो वर्षों में इस योजना के तहत करीब 6 लाख 90 हजार 612 श्रमिकों को 743 करोड़ रुपये से अधिक की सहायता दी जा चुकी है।

राज्य में संचालित 'प्रसूति सहायता योजना' के अन्तर्गत पंजीकृत महिला श्रमिक अथवा श्रमिक की पत्नी के प्रसव पर पुत्र जन्म पर 20 हजार और पुत्री के जन्म पर 21 हजार रुपये दिये जाते हैं। वर्तमान सरकार के कार्यकाल में 10 हजार से अधिक श्रमिक परिवारों को पांच करोड़ 54 लाख 30 हजार रुपये की सहायता दी गयी है। साथ ही सामान्य मृत्यु या दुर्घटना में घायल व मृत्यु से प्रभावित परिवार को पांच लाख रुपये तक की आर्थिक सहायता की जाती है। इस योजना के तहत पिछले दो वर्षों में पांच हजार से अधिक परिवारों को लगभग 52 करोड़ 50 लाख रुपये की सहायता दी गयी है।

प्रदेश सरकार उपलब्ध करा रही टूलकिट श्रमिकों के औजार उनके हाथों का श्रृंगार होते हैं, जिनसे वे महीन नक्काशी से लेकर गगन चुम्बी इमारतों का निर्माण करते हैं। राज्य सरकार निर्माण श्रमिकों को टूलकिट सहायता योजना के तहत औजार खरीदने पर 2000 रुपये तक की मदद भी दे रही है। वर्तमान सरकार के कार्यकाल में 13 हजार 691 श्रमिकों को दो करोड़ 73 लाख रुपये से अधिक की राशि दी जा चुकी है।

प्रदेश सरकार ने किया श्रमिकों का जीवन और भविष्य सुरक्षित श्रमिक वर्ग जीवनपर्यंत कड़ी मेहनत और लगन से देश के विकास की बुनियाद और भविष्य बनाते हैं। राज्य सरकार ने भी उनके जीवन को सुरक्षित और सुलभ बनाने का संकल्प लिया है। इसी दिशा में श्रमिकों के लिए संचालित निर्माण श्रमिक जीवन एवं भविष्य सुरक्षा योजना में प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना, पीएम जीवन ज्योति बीमा योजना तथा अटल पेंशन योजना से उन्हें लाभान्वित करने के लिए उनके अंशदान का आंशिक और पूर्ण भुगतान किया जाता है।

हिंदी हिन्दुस्तान की स्वीकृति से एचटीडीएस कॉन्टेंट सर्विसेज़ द्वारा प्रकाशित