जयपुर , दिसंबर 04 -- राजस्थान में खान विभाग द्वारा अब खानों में खनन उत्पादन और रायल्टी ट्रेंड का विश्लेषण किया जाएगा ताकि खनिज उत्पादन के उतार चढ़ाव पर निगरानी रखते हुए प्रदेश के खनन क्षेत्र की विकास दर को और अधिक गति दी जा सके।
विभाग के प्रमुख सचिव टी रविकान्त ने गुरुवार को विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों की बैठक में यह निर्देश दिए। उन्होंने बताया कि यह जिम्मेदारी वृत स्तर पर विभाग के अधीक्षण खनि अभियंताओं को दी गई है। वृत अधीक्षण खनिज अभियंता प्रति महीने चार से पांच खानों में उत्पादन के उतार-चढ़ाव का विश्लेषण करेंगे और आवश्यकता होने पर ड्रोन सर्वे के माध्यम से भी सत्यापन कराया जा सकेगा।
श्री रविकान्त ने कहा कि इसके साथ ही आरसीसी-ईआरसीसी रायल्टी वसूली के आंकड़ों का भी विश्लेषण किया जाएगा ताकि रायल्टी वसूली की प्रभावी निगरानी संभव हो सके। उन्होंने कहा कि नियमित विश्लेषण से खानधारकों और सरकार दोनों को खनिज उत्पादन में कमी-ज्यादा के कारणों, मांग और आपूर्ति और भविष्य की संभावनाओं को समझने में आसानी होगी। इससे खानधारकों और सरकार दोनों को ही खनन क्षेत्र की भविष्य की संभावनाओं का संकेत मिल सकेगा।
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