जयपुर , जनवरी 21 -- राजस्थान उच्च न्यायालय ने राज्य के कारागृहों में बंदियों के अधिकारों को लेकर राज्य सरकार और न्यायिक अधिकारियों को सख्त निर्देश दिये हैं।

न्यायमूर्ति अनूप कुमार ढंढ ने कारागृह व्यवस्था को सुधारने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए सत्र न्यायाधीशों, मुख्य महानगर, न्यायिक मजिस्ट्रेट और जिला विधिक सेवा प्राधिकरण (डीएलएसए) के सचिव को समय -समय पर अचानक जेल का निरीक्षण करने के निर्देश देते हुए कहा है कि वे बंदियों से सीधे बातचीत करके उनकी समस्याएं जानेंगे और अपनी रिपोर्ट संबंधित प्राधिकरणों को सौंपेंगे।

उन्होंने राज्य सरकार को हर जिले में शिकायत निवारण समिति का गठन करने के भी निर्देश दिये। इस समिति में जिला कलेक्टर, मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट, समाज कल्याण अधिकारी और डीएलएसए के सचिव शामिल होंगे। यह समिति बंदियों की सभी शिकायतों का समाधान करेगी।

इसके अलावा कारागृहों में शिकायत संबंधी सूचना प्रदर्शित करने के लिये कारागृह परिसर में ऐसे नोटिस लगाने के निर्देश दिये, जिनमें बंदी अपनी समस्याओं और शिकायतों को समिति के समक्ष प्रस्तुत कर सकें। साथ ही पानी, सफाई और से जुड़े ठोस मानक और नीतियां तैयार करने और उनका सख्ती से पालन सुनिश्चित करने के भी निर्देश दिये हैं।

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