जयपुर , दिसंबर 10 -- केंद्रीय संस्कृति एवं पर्यटन मंत्री गजेन्द्र सिंह शेखावत ने बुधवार को कहा कि राजस्थान केवल एक डेस्टिनेशन नहीं बल्कि निवेश का पावर हाउस भी है और पर्यटन के क्षेत्र में संभावनाओं के मद्देनजर आने वाले वर्षों में यह भारत के 'ग्रोथ इंजन' के रूप में उभरेगा।
श्री शेखावत यहां जेईसीसी में प्रवासी राजस्थानी दिवस के अवसर पर आयोजित सेक्टोरल सेशन को संबोधित करते हुए कहा किराजस्थान दुनिया के उन चुनिंदा राज्यों में है, जहां अनुभवों की सर्वाधिक विविधता मिलती है, साथ ही निवेश की स्थिरता भी मिलती है। किले, महल, लोककला, उत्सव, रेगिस्तान, वन, वेलनेस, अध्यात्म और रंग-बिरंगे हैंडीक्राफ्ट मिलकर इसे एक ग्लोबली स्केलेबल टूरिज्म इकोनमी बनाते हैं। यहां आने वाले पर्यटकों के लिए राजस्थान केवल स्थल नहीं, एक भावनात्मक अनुभव है।
उन्होंने कहा कि राजस्थान में निवेश लॉन्ग-टर्म रिटर्न की गारंटी देता है। विविधता, बहु-रेवेन्यू चैनल और बढ़ती वैश्विक पहचान इसे पर्यटन उद्योग का सबसे मजबूत केंद्र बना रहे हैं। राज्य की नयी पर्यटन नीति को देश में सबसे बेहतर माना गया है और यह निवेशकों के लिए विशेष आकर्षण पैदा करती है, इसीलिए निवेशकों को बिना हिचक के यहां निवेश की दिशा में आगे बढ़ना चाहिए, जिसमें केंद्र और राज्य सरकार पूरी मजबूती के साथ उनके साथ खड़े रहेंगे।
श्री शेखावत ने प्रवासी राजस्थानियों को राज्य की प्रगति का महत्वपूर्ण भागीदार बताते हुए कहा "आप केवल प्रवासी नहीं, राजस्थान के सांस्कृतिक एंबेसडर हैं। आपके पास न केवल वैश्विक अनुभव है, अपितु वैश्विक नेटवर्क भी है, जो पर्यटन निवेश के लिए अत्यंत महत्त्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि जहां-जहां राजस्थानी बसे हैं, वहां उन्होंने राजस्थान की संस्कृति, मेहनत और उद्यमशीलता को पहचान दिलाई है, इसलिए आपका यही जुड़ाव यहां के पर्यटन क्षेत्र के विकास में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।"उन्होंने कहा कि भारत का पर्यटन क्षेत्र आने वाले दस वर्षों में तीन गुना से अधिक बढ़ने वाला है। केंद्र सरकार 2047 तक पर्यटन अर्थव्यवस्था को थ्री ट्रिलियन डॉलर तक पहुंचाने का लक्ष्य लेकर आगे बढ़ रही है। उन्होंने बताया कि देश में घरेलू पर्यटन सालाना 2.5 बिलियन यात्राओं के स्तर पर पहुंच चुका है, जो बड़ी आर्थिक क्षमता को दर्शाता है।
उन्होंने कहा कि डबल इंजन सरकार राजस्थान में कनेक्टिविटी को अभूतपूर्व स्तर पर सुधार रही है। चाहे सड़क हो, रेल या हवाई मार्ग हो, हर क्षेत्र में इंफ्रास्ट्रक्चर मजबूत करने की दिशा में केंद्र और राज्य सरकार मिलकर काम कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि पर्यटन क्षेत्र में छह हजार करोड़ रुपये के नए प्रोजेक्ट लॉन्च किए जा चुके हैं, और देश में 50 ग्लोबल स्टैंडर्ड डेस्टिनेशन विकसित किए जा रहे हैं, जिसमें राजस्थान काफी अहम होगा।
उन्होंने कहा कि पर्यटन के सभी वर्टिकल जैसे हेरिटेज, वेडिंग, एडवेंचर, वेलनेस, डेजर्ट, स्पिरिचुअल को पीपीटी मॉडल पर विकसित किया जाएगा। सरकार निवेशकों को सहयोग और साथ दोनों देने के लिए प्रतिबद्ध है। राजस्थान केवल अपने गौरवशाली अतीत से नहीं, अपितु नए भारत के निर्माण में अपनी भूमिका से भी पहचाना जाएगा। प्रवासी राजस्थानी राज्य की सामाजिक, सांस्कृतिक और आर्थिक प्रगति में भागीदार बनें और वैश्विक मंच पर राजस्थान की नयी पहचान स्थापित करें।
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