जयपुर , जनवरी 20 -- राजस्थान के राज्यपाल हरिभाऊ किसनराव बागडे ने सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम (एमएसएमई) को देश के औद्योगिक विकास का प्रमुख आधार बताते हुए कहा है कि इस पर सर्वाधिक ध्यान देकर प्रदेश की उद्यमशीलता की प्रवृति को वैश्विक अवसरों में बदलते हुए भविष्य की असीम संभावनाओं के लिए मिलकर कार्य किया जाना चाहिए।
श्री बागडे मंगलवार को 'राजस्थान इंडस्ट्री एंड एमएसएमई समिट' में संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि एमएसएमई से लाखों परिवारों को रोजगार मिलता है और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिलती है। इसलिए इन पर सर्वाधिक ध्यान दिया जाना हमारी प्राथमिकता होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि राजस्थान में आरंभ से ही उद्यमशीलता की प्रवृति रही है। इस प्रवृति को वैश्विक अवसरों में बदलते हुए भविष्य की असीम संभावनाओं के लिए मिलकर कार्य किया जाये। उन्होंने कहा कि मेक इन इंडिया और आत्मनिर्भर भारत के सपने को साकार करने में लघु एवं मध्यम उद्योगों का ही सबसे बड़ा योगदान है। राज्यपाल ने भारत के तेजी से विकसित राष्ट्र बनने की चर्चा करते हुए कहा कि विश्व के 28 राष्ट्रों ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को सम्मानित किया है। इससे पहले कभी ऐसा नहीं हुआ। उन्होंने कहा कि देश तेजी से सभी क्षेत्रों में आत्मनिर्भर बन रहा है। उन्होंने भारत के उद्योगों को सशक्त बनाने के लिए सभी को मिलकर कार्य करने का आह्वान किया।
श्री बागडे ने राजस्थान में अक्षय ऊर्जा और खनन से लेकर वस्त्र, हस्तशिल्प, इंजीनियरिंग उत्पाद और पर्यटन आदि क्षेत्रों की अपार संभावनाओं की चर्चा करते हुए कहा कि इनसे राजस्थान आने वाले वर्षों में बड़ा औद्योगिक राज्य बनेगा। उन्होंने कहा कि आने वाला दशक भारतीय उद्योग के लिए अभूतपूर्व अवसर लेकर आ रहा है, और राजस्थान इस परिवर्तन के दौर में अग्रणी स्थान प्राप्त करेगा।
इससे पहले राज्यपाल ने अर्थव्यवस्था में योगदान देने वाले श्रेष्ठ उद्यमियों को 'प्राइड ऑफ राजस्थान अवॉर्ड' से सम्मानित किया।
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