जयपुर , जनवरी 05 -- मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डा मोहन यादव ने कहा है कि राजस्थान और मध्यप्रदेश दोनों ही पड़ोसी राज्य निवेश, नवाचार और सतत विकास की दिशा में तेजी से आगे बढ़ने के साथ ही एआई , टेक्नोलॉजी, सॉफ्टवेयर और आईटी सेक्टर में नए विकल्प के रूप में उभर रहे हैं, जिससे ये राष्ट्रीय तथा अंतरराष्ट्रीय निवेशकों के लिए आकर्षक केंद्र बन चुके हैं।

डॉ यादव यहां जेईसीसी सीतापुरा में आयोजित राजस्थान डिजिफेस्ट टाई ग्लोबल समिट-2026 के तहत सोमवार को 'डेस्टिनेशन मध्यप्रदेश: भारत का अगला प्लेटफॉर्म स्केलेबल टेक और इनोवेशन' विषयक सत्र में बोल रहे थे। उन्होंने कहा कि दोनों राज्यों की वर्तमान सरकारों के बीच आपसी संवाद और समन्वय से जल बंटवारे पर सहमति बनाई गई है।

उन्होंने कहा कि भारत का अतीत गौरवशाली रहा है और प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में वर्तमान युग भी स्वर्णिम युग बन रहा है, जहां प्रत्येक नागरिक को आगे बढ़ने के समान अवसर मिल रहे हैं। मध्यप्रदेश सरकार भी अपनी औद्योगिक नीतियों के माध्यम से औद्योगिक विकास के नए द्वार खोल रही है। राज्य में स्थापित हो रहे नए उद्योग रोजगार की व्यापक संभावनाएं सृजित कर रहे हैं।

उन्होंने कहा कि राजस्थान ने तमाम भौगोलिक कठिनाइयों के बावजूद व्यापार, उद्योग और स्वास्थ्य के क्षेत्र में अपनी विशिष्ट पहचान बनाई है और मारवाड़ी समाज में चुनौतियों के बीच अवसर तलाशने की अद्भुत क्षमता है, जिसने उद्योग और व्यापार को नई ऊंचाइयां दी हैं।

इस अवसर पर राजस्थान के उपमुख्यमंत्री डाॅ प्रेमचंद बैरवा ने कहा कि राजस्थान डिजिफेस्ट टाई ग्लोबल समिट राज्य के डिजिटल नवाचार और उद्यमिता की प्रतिबद्धता को दर्शाता है। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा का स्पष्ट विजन है कि डिजिटल तकनीक को सुशासन, रोजगार और आर्थिक विकास का प्रभावी माध्यम बनाया जाए। राज्य में ई-गवर्नेंस और डिजिटल सेवाओं का विस्तार किया जा रहा है। साथ ही स्टार्टअप के लिए अनुकूल नीतियां बनाई गई हैं तथा युवाओं को स्किल डवलपमेंट से जोड़ा जा रहा है। यह समिट सरकार, उद्योग और स्टार्टअप के बीच एक सेतु का कार्य कर रहा है, जिससे राज्य के नवाचारों को वैश्विक मंच मिल रहा है।

हिंदी हिन्दुस्तान की स्वीकृति से एचटीडीएस कॉन्टेंट सर्विसेज़ द्वारा प्रकाशित