जयपुर , दिसंबर 04 -- राजस्थान में मतदाता सूचियों के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) का कार्य तीव्र गति के साथ प्रगति पर और निर्धारित समय से पूर्व ही 99.94 प्रतिशत उपलब्धि प्राप्त कर डिजिटल दक्षता एवं उत्कृष्ट समन्वय का नया कीर्तिमान स्थापित किया है।

राज्य के मुख्य निर्वाचन अधिकारी नवीन महाजन ने बताया कि प्रदेश के कुल पांच करोड़ 46 लाख 56 हजार 215 गणना प्रपत्रों में से पांच करोड़ 46 लाख 62 हजार से अधिक प्रपत्र ईसीआई-नेट पर सफलतापूर्वक अपलोड किए जा चुके हैं जो निर्धारित समय से पूर्व 99.94 प्रतिशत उपलब्धि प्राप्त कर ली गई हैं वहीं 96 प्रतिशत मतदाताओं की मैपिंग के साथ देशभर में अग्रणी हैं।

श्री महाजन ने बताया कि प्रदेश के 24 जिले बाड़मेर, सलूंबर, बालोतरा, झालावाड़, फलौदी, भरतपुर, चूरू, दौसा, बारां, राजसमंद, डीग, झुंझुनूं, पाली, सीकर, चित्तौड़गढ़, नागौर ब्यावर, करौली, डीडवाना- कुचामन, बांसवाड़ा, प्रतापगढ़, कोटपूतली- बहरोड एवं सवाईमाधोपुर में सभी गणना प्रपत्रों का डिजिटाइजेशन शत-प्रतिशत पूर्ण कर लिया गया है। इसी प्रकार 153 विधानसभा क्षेत्रों में भी सौ प्रतिशत डिजिटाइजेशन का कार्य पूरा हो गया है।

उन्होंने बताया कि 96 प्रतिशत मैपिंग के साथ राजस्थान मतदाता मैपिंग में भी देशभर में अग्रणी है। आज की मैपिंग के अनुसार प्रदेश में महज चार प्रतिशत मतदाता ऐसे हैं जिन्हें एसआईआर के तहत दस्तावेज देने है। उन्होंने बताया कि 18 विधानसभा क्षेत्रों कपासन, बायतु, सलूंबर, लोहावट, नगर, सिकराय, ओसियां, शाहपुरा, बामनवास, चित्तौड़गढ़, नागौर, बड़ी सादड़ी, शाहपुरा, खंडार, गुढ़ामलानी, जायल, सपोटरा, शिव एवं डेगाना - में 99 प्रतिशत से अधिक मैपिंग संपन्न हो गई। कपासन विधानसभा क्षेत्र प्रदेश में शीर्ष पर जहां 99.46 प्रतिशत मतदाताओं की मैपिंग पूरी हो चुकी है। यहां 2.73 लाख मतदाताओं में से मात्र लगभग 1500 मतदाताओं को ही दस्तावेज प्रस्तुत करने होंगे।

उन्होंने बताया कि प्रदेश के 51 हजार 256 से अधिक मतदान केंद्रों पर कार्यरत बीएलओ ने सौ प्रतिशत फील्ड कार्य पूरा करते हुए घर-घर पहुंच सुनिश्चित की। उनके सतत प्रयासों ने ही इस महत्वपूर्ण उपलब्धि को संभव बनाया है।

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