जयपुर , जनवरी 06 -- राजस्थान में राजस्थान उच्च न्यायालय ने प्रत्येक महीने में दो शनिवार को कार्यदिवस घोषित किए जाने के फैसले की समीक्षा के लिए न्यायाधीशों की समिति का गठन किया है।
आधिकारिक सूत्रों ने मंगलवार को बताया कि यह निर्णय अदालत और बार संघ के बीच बढ़ते विवाद के बीच लिया गया है। हाल ही में उच्च न्यायालय प्रशासन ने हर महीने दो शनिवार को न्यायालय खुलने का कैलेंडर जारी किया था, जिसके कारण वकीलों और बार संगठनों ने विरोध शुरू कर दिया था। वकीलों का कहना है कि बिना सलाह-मशविरा और पर्याप्त तैयारी के यह निर्णय लिया गया, जिससे अधिवक्ताओं, पक्षकारों और न्यायिक कर्मचारियों को कठिनाइयों का सामना करना पड़ेगा। उन्होंने न्यायालय से इस फैसले पर पुनर्विचार की मांग की थी।
बार संघ के प्रतिनिधियों और कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश जस्टिस संजीव प्रकाश शर्मा के बीच हुई बैठक में दोनों पक्षों ने करीब डेढ़ घंटे तक चर्चा की। बैठक के बाद मुख्यमंत्री न्यायाधीश ने कहा कि विवादित नीति पर सभी पक्षों के विचार जानने के लिए एक विशेष समिति बनाई जा रही है। यह समिति 21 जनवरी तक अपनी रिपोर्ट सौंपेगी, जिसके आधार पर आगे का निर्णय लिया जाएगा। बार संगठनों ने सुझाव दिया है कि शनिवार को न्यायालय खोलने की बजाय प्रतिदिन सुनवाई के समय में वृद्धि की जाए, जिससे कार्यभार बेहतर तरीके से संभाला जा सके और वकीलों और पक्षों को अनावश्यक परेशानी न हो। समिति की रिपोर्ट के बाद ही अंतिम निर्णय घोषित किया जायेगा।
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