जयपुर , जनवरी 27 -- राजस्थान उच्च न्यायालय की जयपुर खंडपीठ 31 जनवरी को अपने 50वें स्थापना दिवस के भव्य समारोह के लिए तैयार है।

आधिकारिक सू्त्रों ने मंगलवार को बताया कि इस अवसर पर उच्च न्यायालय के न्यायाधीशों, अधिवक्ता समुदाय और विधिक विशेषज्ञों के समागम से समारोह को ऐतिहासिक एवं विधिक महत्ता से परिपूर्ण करने की योजना बनाई गई है।

राजस्थान उच्च न्यायालय की जयपुर खंडपीठ की स्थापना 31 जनवरी 1977 को विधिवत रूप से कार्य आरंभ करने के साथ हुई थी। तब से यह खंडपीठ राज्य के नागरिकों को न्याय प्रदान करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है और पिछले पांच दशकों में न्याय व्यवस्था और संवैधानिक प्रक्रियाओं में अपनी विशिष्ट पहचान बनाई है। समारोह में जयपुर खंडपीठ के न्यायाधीश, वरिष्ठ अधिवक्ता, विधिक विद्वान और न्यायालय के कर्मचारियों सहित बार संघ के पदाधिकारी विशेष रूप से उपस्थित रहेंगे। समारोह में न्यायपालिका की विकास यात्रा, प्रमुख न्यायिक निर्णय और समाज में न्यायिक व्यवस्था के योगदान को रेखांकित किया जाएगा। कार्यक्रम के मुख्य आकर्षणों में न्यायाधीशों के अनुभव साझा करना, विधिक शिक्षण एवं प्रशिक्षण पर सत्र और सामाजिक न्याय पर विशेष चर्चाएँ शामिल हैं।

सूत्रों के अनुसार, समारोह के दौरान अदालत परिसर में विविध सांस्कृतिक और शैक्षिक कार्यक्रम भी आयोजित किए जाएंगे, जिनका उद्देश्य न्यायपालिका और आम जनता के बीच जुड़ाव को और मजबूत बनाना है। यह आयोजन उच्च न्यायालय के इतिहास और विधिक सेवा को सम्मान देने का एक प्रमुख अवसर रहेगा।

बार के महासचिव दीपेश शर्मा ने बताया कि जयपुर खंडपीठ का 50वां स्थापना दिवस केवल एक औपचारिक कार्यक्रम नहीं, बल्कि राजस्थान की न्यायपालिका के प्रति जनता के भरोसे और अधिकारों के संरक्षण के सिद्धांत को उजागर करने वाला उत्सव भी है। इसे राज्य के विधिक इतिहास में एक महत्वपूर्ण पड़ाव के रूप में देखा जा रहा है।

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