लखनऊ , जनवरी 16 -- अयोध्या स्थित राजर्षि दशरथ स्वशासी राज्य चिकित्सा महाविद्यालय में भ्रष्टाचार एवं प्रशासनिक अनियमितताओं से संबंधित शिकायतों के बाद शासन ने बड़ा निर्णय लिया है। कॉलेज के प्रभारी प्राचार्य डॉ. सत्यजीत वर्मा को पद से हटाते हुए उन्हें महानिदेशक, चिकित्सा शिक्षा एवं प्रशिक्षण (डीजीएमई), लखनऊ कार्यालय से संबद्ध कर दिया गया है।

अपर मुख्य सचिव चिकित्सा शिक्षा अमित घोष के स्तर से जारी आदेश के अनुसार, डॉ. सत्यजीत वर्मा के विरुद्ध प्राप्त शिकायतों की जांच प्रचलित होने के दृष्टिगत अंतिम निर्णय आने तक उन्हें लखनऊ कार्यालय से संबद्ध किया गया है। इस बावत कॉलेज के छह विभागाध्यक्षों द्वारा मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मुलाकात कर प्राचार्य के विरुद्ध भ्रष्टाचार से जुड़े तथ्यों व साक्ष्यों की जानकारी दी गई थी। आरोपों में खरीद-फरोख्त में अनियमितता, सरकारी संसाधनों के दुरुपयोग, मशीनों को ठप कर निजी व्यवस्था को बढ़ावा देने तथा एक ही अधिकारी/शिक्षक को अनेक प्रमुख दायित्व सौंपे जाने जैसी बातें शामिल बताई गईं थी।

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