सोनभद्र , जनवरी 21 -- उत्तर प्रदेश में सोनभद्र के राबर्ट्सगंज तहसील के राबर्ट्सगंज खलियारी राष्ट्रीय राज मार्ग पर स्थित बहुमूल्य भूमि का अवैध तरीके से आवासीय पट्टा करने के मामले में लेखपाल को निलंबित कर दिया गया है जबकि तहसीलदार और स्टेनो बाबू को कारण बताओं नोटिस जारी किया गया है। इस प्रकरण में संबंधित ग्राम प्रधान के विरुद्ध कार्रवाई करने के लिए वरिष्ठ अधिकारियों को पत्र प्रेषित किया गया है।
उपजिलाधिकारी रॉबर्ट्सगंज उत्कर्ष द्विवेदी (आईएएस) ने बुधवार को बताया की जनपद के राबर्ट्सगंज खलियारी राष्ट्रीय लिए मार्ग पर स्थित ग्राम पंचायत लसड़ा में नगरपालिका पंप हाउस के पास मुख्य सड़क पर स्थित सरकारी भूमि आराजी संख्या 230 पर चार लोगों को पांच बिस्वा जमीन का पट्टा कर दिया गया।
उन्होंने बताया कि सभी पट्टाधारक महिलाएं हैं। एसडीएम ने बताया कि राबर्ट्सगंज खलियारी मार्ग का चौड़ीकरण प्रस्तावित है तथा उक्त भूमि चौड़ीकरण के दायरे में आती है अनुमान लगाया जा रहा है कि चौड़ीकरण के दायरे में आने पर उक्त भूमि का अधिग्रहण संभावित है जिसका मुआवजा करोड़ों रुपया बनेगा इस प्रकार संबंधित भूमि की कीमत स्थानीय लोगों के अनुसार करोड़ों रुपये आंकी जा रही है।
श्री द्विवेदी ने बताया कि राजमार्ग के किनारे की इतनी कीमती जमीन का पट्टा किया जाना सर्वथा अनुचित है साथ ही नियम विरुद्ध भी है। इस परिस्थिति में संबंधित पट्टों के निरस्तीकरण के लिए जिलाधिकारी के न्यायालय में वाद दाखिल कर दिया गया है। उन्होंने बताया कि उक्त प्रकरण में क्षेत्रीय लेखपाल श्वेता सिंह को निलंबित कर दिया गया है जबकि तहसीलदार अमित कुमार सिंह का वेतन रोकने के साथ ही स्पष्टीकरण मांगा गया है।
इसी क्रम में ग्राम प्रधान रुचि पांडेय के विरुद्ध कार्रवाई की संस्तुति करते हुए जिलाधिकारी एवं मुख्य विकास अधिकारी को पत्र लिखा गया है। उन्होंने बताया कि कानूनगो अवधेश तिवारी, नायब तहसीलदार मनोज मिश्र, राजस्व निरीक्षक कार्यालय राजेंद्र प्रसाद टंडन, एसडीएम के स्टेनो अखिलेश मिश्र के विरुद्ध जिलाधिकारी को रिपोर्ट भेजी गई है।
एसडीएम ने बताया कि सभी दोषियों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जाएगी। इस मामले में भारतीय जनता पार्टी के पूर्व जिलाध्यक्ष धर्मवीर तिवारी ने आरोप लगाते हुए बताया कि संबंधित अधिकारियों एवं कर्मचारियों द्वारा नियम कानून को ताक पर रखकर किए गए पट्टों के कारण वहाँ स्थित सिरोही नदी का अस्तित्व समाप्त हो गया।
उन्होंने कहा कि नदी की भूमि में ही संबंधितों द्वारा अवैध पट्टा कर दिया गया। उन्होंने कई अधिकारियों एवं कर्मचारियों की भूमिका संदिग्ध बताते हुए कठोर कार्रवाई की मांग की है।
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