जयपुर , फरवरी 12 -- राजस्थान उच्च न्यायालय ने राज्यभर के राष्ट्रीय एवं राज्य राजमार्गों पर किये गये अवैध अतिक्रमण को हटाने के निर्देश दिये हैं। न्यायालय ने राज्य सरकार को दो महीने की समय-सीमा में प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित करने का आदेश दिया है।अदालत ने गुरुवार को जारी आदेश में कहा कि राजमार्गों की मध्य रेखा से निर्धारित सीमा के भीतर बनाये गये अवैध निर्माण, दुकानें, ढाबे, होटल और अन्य व्यावसायिक प्रतिष्ठान सड़क सुरक्षा के लिए गंभीर खतरा हैं। ऐसे सभी अतिक्रमणों की पहचान करके उन्हें हटाया जाये।
न्यायालय ने राज्य सरकार को निर्देशित किया कि जिला प्रशासन, पुलिस और संबंधित विभागों के समन्वय से विशेष कार्यबल का गठन करके राज्यव्यापी अभियान चलाया जाये। यह कार्यबल अतिक्रमण चिन्हित करके निर्धारित अवधि में कार्रवाई सुनिश्चित करेगा।
सुनवाई के दौरान अदालत ने स्पष्ट किया कि सड़क सुरक्षा सर्वोपरि है और नियमों का उल्लंघन किसी भी स्थिति में स्वीकार्य नहीं है। संबंधित पक्ष स्वयं अतिक्रमण नहीं हटाते हैं, तो प्रशासन विधिसम्मत कार्रवाई करेगा।
इस कार्रवाई में भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) और लोक निर्माण विभाग को सीमांकन, पैमाइश और प्रतिवेदन प्रस्तुत करने के निर्देश दिये गये हैं।
सरकार ने न्यायालय को आश्वासन दिया है कि आदेश की पूर्ण पालना सुनिश्चित की जाएगी और निर्धारित समय-सीमा में अनुपालन प्रतिवेदन प्रस्तुत किया जाएगा।
न्यायालय ने मामले की अगली सुनवाई पर प्रगति प्रतिवेदन तलब किया है।
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