लखनऊ , नवम्बर, 07 -- उत्तर प्रदेश की राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने शुक्रवार को राजभवन परिसर में गंगोत्री से गंगासागर की प्रतिकृति का शिलान्यास किया।

वैदिक मंत्रोच्चारण के बीच राज्यपाल ने शिलान्यास की औपचारिकता पूर्ण करते हुए शुभारंभ स्वरूप नींव की ईंट रखी। इस अवसर पर पारंपरिक विधि-विधान के साथ शिलान्यास संपन्न किया गया। राज्यपाल ने उपस्थित जनसमूह को संबोधित करते हुए बताया कि गंगोत्री से गंगासागर की यह प्रतिकृति भारत की सांस्कृतिक एवं धार्मिक यात्रा केदारनाथ, बद्रीनाथ, गंगोत्री और यमुनोत्री जैसे पवित्र चार धामों की प्रतीकात्मक प्रस्तुति है। उन्होंने कहा कि इस निर्माण के माध्यम से जनसामान्य को भारत की आस्था, पर्यावरणीय चेतना और नदी संस्कृति के महत्व से परिचित कराने का उद्देश्य निहित है।

उन्होने इस अवसर पर नदियों के संरक्षण एवं जल-संसाधनों के संवर्धन की आवश्यकता पर बल देते हुए कहा कि नदियाँ हमारी जीवनधारा हैं। उनका संरक्षण, संवर्धन और स्वच्छता हर नागरिक का उत्तरदायित्व है। उन्होंने पर्यावरण-संतुलन बनाए रखने के लिये सामूहिक प्रयासों का आह्वान किया।

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