, April 15 -- 2024 में पुनः जदयू-भाजपा गठजोड़ के बाद अगले साल अक्टूबर-नवंबर में बिहार विधानसभा चुनाव हुए। नीतीश कुमार के अस्वस्थ होने की खबरों के बीच उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी को सरकार के प्रशासन में दखल देने के अवसर ज्यादा मिलने शुरू हुए। वह एक साये की तरह मुख्यमंत्री श्री कुमार की सभाओं में भाग लेते रहे।2025 विधानसभा चुनाव में राजग को 243 के सदन में 202 सीटों की प्रचंड जीत मिली। इस बार भी 2020 की तरह भाजपा को जदयू से ज्यादा सीटें मिली। भाजपा 89 सीटों के साथ सदन में सबसे बड़ी पार्टी के रूप में उभरी। 2014 से लगातार विधान परिषद का सदस्य रहे सम्राट चौधरी इस बार अपने पिता की विरासत तारापुर सीट से 2025 में चुनाव लड़े और प्रचंड बहुमत के साथ जीत कर विधानसभा में पहुंचे।
2025 के विधानसभा चुनाव के बाद नीतीश कुमार मुख्यमंत्री बन तो गये, लेकिम अटकलें तेज हो गयीं कि भाजपा शीघ्र ही बिहार में शीर्ष पद हथिया लेगी। चुनाव से पहले ही भाजपा के फायर ब्रांड नेता केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने संकेत दिए थे कि सम्राट चौधरी बिहार के अगले मुख्यमंत्री बन सकते हैं। जनसुराज के नेता और चुनावी रणनीतिकार प्रशांत किशोर ने भी भविष्यवाणी की थी कि राजग चुनाव जीत भी जाये तो अब नीतीश कुमार मुख्यमंत्री नही रहेंगे।
नवंबर 2025 में नीतीश कुमार के मुख्यमंत्री बनने के बाद नई कैबिनेट में सम्राट चौधरी को गृह मंत्रालय मिलना, उनके बढ़ते प्रभाव का एक और संकेत था। नीतीश कुमार ने अपने दो दशकों के मुख्यमंत्रित्व काल में पहली बार गृहमंत्रालय छोड़ा था।
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