, Feb. 3 -- जदयू नेता ने कहा कि स्वास्थ्य और ग्रामीण विकास के क्षेत्र में भी सरकार का फोकस पूरी तरह स्पष्ट है। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य के लिए 21,270 करोड़ और ग्रामीण विकास के लिए 23,701 करोड़ का आवंटन यह सुनिश्चित करेगा कि बेहतर इलाज और बुनियादी सुविधाएं गांव-गांव तक पहुंचें। किसानों के हित में मुख्यमंत्री किसान सम्मान निधि के तहत 3,000 सालाना अतिरिक्त सहायता का ऐलान कर सरकार ने अन्नदाताओं के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराई है।
श्री प्रसाद ने कहा कि युवाओं के लिए यह बजट उम्मीदों का बजट है। उन्होंने कहा कि सरकार ने 2025 से 2030 के बीच एक करोड़ रोजगार अवसर सृजित करने का लक्ष्य रखा है। स्किल डेवलपमेंट के लिए हर कमिश्नरी में मेगा स्किल सेंटर, उद्योगों को बढ़ावा देने के लिए बंद चीनी मिलों को पुनः चालू करने और डिफेंस कॉरिडोर, सेमीकंडक्टर मैन्युफैक्चरिंग पार्क, मेगा टेक सिटी और फिनटेक सिटी जैसे प्रोजेक्ट्स बिहार को औद्योगिक नक्शे पर नई पहचान देंगे।
जदयू नेता ने कहा कि इंफ्रास्ट्रक्चर के क्षेत्र में भी बजट दूरदर्शी है। पांच नए एक्सप्रेस-वे, सिंगल लेन सड़कों को डबल लेन में बदलने, पटना मेट्रो के विस्तार और शहरी क्षेत्रों में पिंक टॉयलेट जैसी योजनाएं विकास को सुरक्षित और समावेशी बनाएंगी। हर खेत को पानी, पशुपालन के लिए गोट सीमेन स्टेशन और वन हेल्थ प्लेटफार्म जैसे प्रावधान कृषि और पशुपालन को नई मजबूती देंगे।
श्री प्रसाद ने कहा कि अनुसूचित जाति और जनजाति के लिए विशेष बजट प्रावधान यह दर्शाता है कि मुख्यमंत्री श्री नीतीश कुमार की सरकार सामाजिक न्याय के प्रति पूरी तरह प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि कुल मिलाकर यह बजट विकास, रोजगार, शिक्षा, स्वास्थ्य और सम्मान के साथ बिहार को ''समृद्ध बिहार, सशक्त बिहार'' बनाने की मजबूत नींव रखता है। जनता की उम्मीदों पर खरा उतरने वाला यह बजट बिहार को आत्मनिर्भर और अग्रणी राज्य बनाने की दिशा में एक निर्णायक कदम है।
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