नई दिल्ली , दिसंबर 07 -- रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने सीमा सड़क संगठन (बीआरओ) की रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण पांच हजार करोड़ रूपये से अधिक लागत वाली 121 ढांचागत परियोजनाओं का रविवार को लद्दाख में उद्घाटन किया।

रक्षा मंत्रालय ने एक वक्तव्य जारी कर बताया कि पहली बार एक साथ इतनी ज्यादा परियोजनाओं का उद्घाटन हुआ है। इनमें से दो केंद्र शासित प्रदेशों - लद्दाख और जम्मू-कश्मीर - और बाकी सात राज्यों - अरुणाचल प्रदेश, सिक्किम, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, राजस्थान, पश्चिम बंगाल और मिजोरम में हैं। इनमें 28 सड़कें, 93 पुल और 04 अन्य परियोजनाएं हैं। सीमा सड़क संगठन के इतिहास में यह पहला मौका है जब इतनी परियोजनाओं का एक साथ उद्घाटन किया गया है।

इन परियोजनाओं से दूरदराज के गांवों और अग्रिम सैन्य चौकियों में अंतिम छोर तक पहुंच बनाने में काफी मदद मिलेगी। इससे ये क्षेत्र राष्ट्रीय मुख्यधारा के करीब आएंगे। रक्षा मंत्री ने कहा कि यह परियोजनाएं सरकार की विकसित भारत के विजन के अनुरूप सीमावर्ती बुनियादी ढांचे को लगातार मजबूत करने की अटूट प्रतिबद्धता का प्रमाण है ।

श्री सिंह ने दौलत बेग ओल्डी रोड पर श्योक टनल पर आयोजित एक कार्यक्रम में ये उद्घाटन किए। उन्होंने कहा कि दुनिया के सबसे कठिन और चुनौतीपूर्ण इलाकों में से एक में बनी ये परियोजनाएं रणनीतिक क्षेत्र को हर मौसम में विश्वसनीय संपर्क सुनिश्चित करेंगी। उन्होंने कहा कि यह 920 मीटर लंबी कट एंड कवर टनल सुरक्षा, गतिशीलता और तेजी से तैनाती की क्षमताओं को काफी बढ़ाएगी।

रक्षा मंत्री ने सशस्त्र बलों के कर्मियों की अद्वितीय बहादुरी, प्रतिबद्धता और बलिदान का सम्मान करने के लिए अरुणाचल प्रदेश में गलवान युद्ध स्मारक का भी वर्चुअली उद्घाटन किया।

श्री सिंह ने सीमावर्ती क्षेत्रों को विकसित करने के सरकार के संकल्प को दोहराते हुए कहा कि ये कनेक्टिविटी के साधन सुरक्षा, अर्थव्यवस्था और आपदा प्रबंधन के लिए जीवन रेखा हैं। उन्होंने कहा, "सीमावर्ती क्षेत्रों में मजबूत बुनियादी ढांचे के कई फायदे हैं। यह सैन्य गतिशीलता, रसद के सुचारू परिवहन, पर्यटन और रोजगार के अवसरों में वृद्धि और सबसे महत्वपूर्ण बात, विकास, लोकतंत्र और सरकार में मजबूत विश्वास सुनिश्चित करता है।"रक्षा मंत्री ने जोर देकर कहा कि जिस तेज़ी से भारत सड़कों, सुरंगों, स्मार्ट फेंसिंग, इंटीग्रेटेड कमांड सेंटर और सर्विलांस सिस्टम से अपनी सीमाओं को मज़बूत कर रहा है, वह इस बात का सबूत है कि कनेक्टिविटी सुरक्षा की रीढ़ है, न कि कोई अलग चीज़। उन्होंने बी आर ओ की तारीफ़ करते हुए कहा कि उसने तेज़ी और कुशलता से और स्वदेशी समाधानों के ज़रिए मुश्किल परियोजनाओं को पूरा करके राष्ट्रीय विकास को काफी तेज़ी दी है।

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