राजनांदगांव , जनवरी 09 -- छत्तीसगढ के राजनांदगांव जिले की चिचोला पुलिस और साइबर सेल ने संयुक्त कार्रवाई करते हुए राष्ट्रीय राजमार्ग पर चल रहे एक बड़े फर्जीवाड़े का शुक्रवार को पर्दाफाश किया। ढाबे की आड़ में देश की नामी कंपनियों के नाम पर नकली डी.ई.एफ. (यूरिया) बेचने का काला कारोबार धड़ल्ले से चल रहा था।
पुलिस ने मौके से भारी मात्रा में नकली यूरिया जब्त कर एक आरोपी को गिरफ्तार किया है, जबकि मुख्य सरगना अभी फरार बताया जा रहा है।
पुलिस को सूचना मिली थी कि ग्राम पाटेकोहरा में 'जुम्मन ढाबा' के पास स्थित एक बिल्डिंग में नकली डी.ई.एफ. तैयार कर बेचा जा रहा है। आरोपी महिंद्रा ऑयल, टाटा मोटर्स और गल्फ ऑयल लुब्रिकेंट जैसी प्रतिष्ठित कंपनियों के नकली होलोग्राम और स्टीकर लगाकर ड्राइवरों और ग्राहकों को चूना लगा रहे थे।
इस फर्जीवाड़े की लिखित शिकायत महाराष्ट्र के ठाणे (अंबरनाथ) निवासी मंगल पांडेय (52) ने पुलिस चौकी चिचोला में दर्ज कराई थी। शिकायत को गंभीरता से लेते हुए पुलिस अधीक्षक (एसपी) अंकिता शर्मा के निर्देश और एसडीओपी आशीष कुंजाम के मार्गदर्शन में चिचोला पुलिस और साइबर सेल की टीम ने तुरंत मौके पर रेड मारी।
छापेमारी के दौरान पुलिस ने मौके से आरोपी ईशु यादव (19), निवासी महोबा (उत्तर प्रदेश) को हिरासत में लिया। तलाशी के दौरान वहां से कुल 147 बाल्टी (प्रत्येक 20 लीटर) नकली डी.ई.एफ. मिला। जिसकी कुल मात्रा 2940 लीटर है एवं जब्त माल की कुल कीमत 1,92,085 रुपये आंकी गई है।
जब पुलिस ने आरोपी से इस सामान के कागजात मांगे, तो वह कोई भी वैध दस्तावेज पेश नहीं कर सका। वहीं इस काले कारोबार का मुख्य सरगना अतीक खान उर्फ जुम्मन खान (निवासी रामपुर, खातूटोला) पुलिस छापे के दौरान मौके पर नहीं मिला। पुलिस ने गिरफ्तार आरोपी ईशु यादव के खिलाफ कॉपीराइट अधिनियम 1957 की धारा 63 के तहत मामला दर्ज कर उसे न्यायालय में पेश किया, जहां से उसे जेल भेज दिया गया है। वहीं, मुख्य आरोपी की तलाश सरगर्मी से की जा रही है।
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