राजनांदगांव , दिसम्बर 03 -- प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान के तहत छत्तीसगढ के राजनांदगांव जिले में गर्भवती महिलाओं को गुणवत्तापूर्ण प्रसव पूर्व देखभाल उपलब्ध कराने के लिए प्रत्येक माह की नौ और 24 तारीख को विशेष स्वास्थ्य शिविरों का आयोजन किया जा रहा है।

जिला प्रशासन ने यह जानकारी बुधवार को दी । जिला प्रशासन के मार्गदर्शन में मातृत्व स्वास्थ्य कार्यक्रम अंतर्गत उच्च जोखिम गर्भवती महिलाओं की नियमित स्वास्थ्य जांच की जा रही है। इसके साथ ही स्वास्थ्य टीम द्वारा हर सप्ताह फोन के माध्यम से इन महिलाओं की स्थिति की जानकारी ली जा रही है।

अभियान के तहत गर्भवती महिलाओं को नियमित स्वास्थ्य संबंधी सलाह दी जा रही है। प्रसव की संभावित तिथि से 15 दिन पहले मितानिनें प्रतिदिन घर जाकर स्वास्थ्य स्थिति का मूल्यांकन कर रही हैं। जिले में विशेष पहल करते हुए निजी संस्थानों के सहयोग से भी उच्च जोखिम गर्भवती महिलाओं की जांच कराई जा रही है। इसी क्रम में विधि डायग्नोस्टिक सेंटर में सोनोलॉजिस्ट डॉ. अमित मोदी द्वारा छह गर्भवती महिलाओं की नि:शुल्क सोनोग्राफी जांच की गई।

अभियान का मुख्य उद्देश्य उच्च जोखिम वाली गर्भवती महिलाओं को नि:शुल्क जांच, उपचार और परामर्श उपलब्ध कराना है। इसमें उन महिलाओं की पहचान और जांच की जाती है जिनका पहला प्रसव ऑपरेशन से हुआ हो, गर्भपात या मृत शिशु का जन्म हुआ हो, वजन या ऊंचाई कम हो, कम उम्र में गर्भधारण किया हो, या फिर एनीमिया, उच्च रक्तचाप, मधुमेह जैसी गंभीर समस्याएं हों। सोनोग्राफी के माध्यम से गर्भवती महिला की स्वास्थ्य स्थिति का सटीक आकलन कर जरूरी देखभाल सुनिश्चित की जा रही है।

प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान का यह सुदृढ़ क्रियान्वयन जिले में मातृ मृत्युदर में कमी लाने और सुरक्षित मातृत्व सुनिश्चित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम साबित हो रहा है।

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