राजनांदगांव , दिसंबर 03 -- छत्तीसगढ में साइबर सेल और कोतवाली पुलिस ने एक बड़ा खुलासा करते हुए बुधवार को बताया कि विगत दिनों शेयर ट्रेडिंग के नाम पर एक युवा व्यापारी से 1,21,53,590 रुपये की ठगी करने वाले गिरोह के दो और सदस्यों को ओडिशा के भुवनेश्वर से गिरफ्तार किया। इस मामले में अब तक कुल पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है।
पुलिस ने बताया कि राजनांदगांव के युवा व्यापारी आयुष अग्रवाल को फर्जी वेबसाइट लिंक भेजकर अधिक मुनाफा दिलाने का लालच दिया गया। शुरुआत में छोटा मुनाफा देकर विश्वास जीता गया और फिर बड़ी राशि विभिन्न खातों में जमा करवाई गई। इस मामले में पूर्व में तीन आरोपी मध्य प्रदेश के सिहोर और इंदौर से गिरफ्तार किए गए थे और आज दो अन्य आरोपियों को भुवनेश्वर से गिरफ्तार किया गया है।
दिल्ली को यह आरोपी धर्मेंद्र कुमार (36) और झारखंड का आरोपी राजेश मंडल ( 30) विदेशों में स्थित स्कैम सेंटर के लिए म्यूल बैंक खातों की व्यवस्था करते थे। ये आरोपी कमीशन पर (20-25 हजार रुपये प्रति खाता, क्रिप्टो यूएसडीटी में) लेयर-01 के बैंक खाते खरीदते थे। एवं खाताधारक के पंजीकृत मोबाइल में .एपीके (एंड्रॉइड पैकेज किट) एप्प इंस्टॉल करा देते थे। यह एप्प बैंक खाता से संबंधित ओटीपी और मैसेज सीधे साइबर ठगों तक पहुंचाता था। ठगी की रकम इन खातों में आने पर, आरोपी खाताधारक को किसी होटल में निगरानी में रखते थे ताकि वह पैसा न निकाल सके। एटीएम कार्ड और चेकबुक भी अपने पास रखते थे।
गिरोह टेलीग्राम प्लेटफॉर्म पर सक्रिय रहकर घटना को अंजाम देता था। प्रार्थी आयुष अग्रवाल द्वारा साइबर हेल्पलाइन 1930 और थाना कोतवाली में अपराध क्रमांक 656/2025 दर्ज कराने के बाद पुलिस ने त्वरित कार्रवाई शुरू की। मनी ट्रेल और तकनीकी जांच के आधार पर पहले तीन आरोपियों धीरज सिंग, अरविन्द ठाकुर और डिम्पल सिंह यादव को गत 29 नवंबर को गिरफ्तार किया गया था।
इसके बाद, ओडिशा से जुड़े तार सामने आने पर टीम भुवनेश्वर रवाना हुई और धर्मेंद्र कुमार तथा राजेश मंडल को रंगे हाथ पकड़ा गया। आरोपी धर्मेंद्र के कब्जे से तीन एटीएम कार्ड और तीन मोबाइल सेट जब्त किए गए।
सभी आरोपियों को पर्याप्त साक्ष्य मिलने के बाद आज न्यायिक हिरासत पर जेल भेजा है।
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